सिरमौर के किसानों ने लिया खेती पर प्रशिक्षण

IMG_20251207_105330
previous arrow
next arrow

सोलन

डॉ यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी और वानिकी विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशालय ने सिरमौर जिला के शिलाई व संगड़ाह ब्लॉक के किसानों के लिए प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया।

\"\"

कार्यक्रम के समन्वयक डा॰ अनिल सूद ने बताया कि शिलाई के 15 किसान, जिसमें 12 पुरुष और तीन महिलायें शामिल थी, के लिए पाँच दिवसीय और संगड़ाह ब्लॉक के 10 किसानों के लिए चार दिन का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।

इन शिविरों के दौरान किसानों को सब्जी, फल, फूल, मशरूम उत्पादन पर विश्वविध्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।

जैविक खेती, फल और सब्ज़ियों के कीट व उनकी रोकथाम, मधुमखी पालन,औषधीय पौधे की खेती आदि विषयों पर भी ज्ञान साझा किया गया।

नौणी विवि के वैज्ञानिक डा॰ अश्वनी शर्मा, डा॰ योगराज शुक्ला, डा॰ राजेश भल्ला, डा॰ जेसी शर्मा, डॉ मानिका तोमर, डा॰ मीनू सूद, डा हरीश शर्मा, डा॰ रवीन्द्र शर्मा, डा॰ पीएल शर्मा और डा॰ जितेंदर चौहान ने खेती के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर किसानों को जानकारी दी।

प्रशिक्षणार्थी ने बताया कि वह पहली बार इस तरह का प्रशिक्षण ले रहे हैं जो की उन्हें बहुत उपयोगी लगा और जिसमें उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला।

समापन समारोह में नौणी विवि के विस्तार शिक्षा निर्देशक डा॰ विजय सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि रहे।

अपने व्याख्यान में उन्होनें किसानों को नवीनतम प्रौद्योगिकी का उपयोग कर खेत के हर भाग में कोई न कोई फसल लगाने के बात कही।

उन्होनें खेती के साथ-साथ बच्चों को अच्छे संस्कार देने पर भी ज़ोर दिया। उन्होनें प्रशिक्षणार्थी को किच्चन गार्डन में अपनी रोज़ की जरूरत के लिए सब्ज़ी उगाने की सलाह दी।

डा॰ ठाकुर ने भूमि को बचाए रखने के उपायों भी किसानों को बताएं।

उन्होनें कहा कि अगर भूमि उपजाऊ होगी तभी हमें खेती से ज्यादा पैदावार मिलेगी।

स्वयं सहायता समूह बनाने का भी सुझाव दिया तथा कहा कि इन समूहों के माध्यम से किसान अपने उत्पाद बेच कर अच्छे दाम हासिल कर सकते हैं।

Share from A4appleNews:

Next Post

डॉ विजयवर्गीय की पुस्तक का सीएम ने किया विमोचन

Mon Jan 1 , 2018
शिमला मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने उनके सरकारी आवास ओक-ओवर में गत सांय आयुर्वेद विशेषज्ञ डा. अनुराग विजयवर्गीय की पुस्तक ‘स्वास्थ्यवर्धक पेय’ का विमोचन किया। इस पुस्तक में पारम्परिक दवाईयों के माध्यम से विभिन्न बीमारियों तथा उपचार का वर्णन किया गया है।

You May Like