एप्पल न्यूज, शिमला
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के थुनाग क्षेत्र में बागवानी कॉलेज (Horticulture College) को लेकर सियासत गरमा गई है।
कॉलेज के स्थानांतरण के विरोध के बीच शिमला लौटे राज्य के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज एक प्रेस वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कई गंभीर आरोप लगाए।
राजस्व मंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री रहते हुए कुछ भाजपा समर्थकों को फायदा पहुँचाने के लिए थुनाग जैसे आपदा संभावित क्षेत्र में हॉर्टिकल्चर कॉलेज की स्थापना की, जिससे छात्रों की जान और शिक्षा दोनों जोखिम में डाली गई।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने छात्रों की सुरक्षा और पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए कॉलेज को सुंदरनगर स्थानांतरित किया, जो पूरी तरह सुरक्षित स्थान है।
लेकिन इस निर्णय के विरोध में जब मंत्री नेगी थुनाग पहुंचे, तो वहां सुनियोजित तरीके से प्रदर्शन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी को रोकने का प्रयास किया, उस पर काले झंडे और चप्पल फेंके, जबकि गाड़ी पर राष्ट्रीय ध्वज लगा हुआ था।

इसे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान बताते हुए नेगी ने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए।
भाजपा पर राहत राशि के दुरुपयोग का भी आरोप
जगत सिंह नेगी ने भाजपा पर आपदा राहत कोष के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता दानदाताओं से बिना नाम के चेक मांगकर उसे अपने लोगों में बाँट रहे हैं। यह एक प्रकार की धन की बंदरबांट है, जिसका कोई पारदर्शी रिकॉर्ड नहीं है।
उन्होंने भाजपा से मांग की कि:
सभी वितरित राहत राशि की सूची सार्वजनिक की जाए।
उसे सरकार की आधिकारिक सूची से मैच किया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
नेता प्रतिपक्ष पर हमला
राजस्व मंत्री ने जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अब दिल्ली जाकर अपने क्षेत्र विशेष के लिए केंद्र से राहत राशि मांग रहे हैं, जबकि 2023 में जब हिमाचल को राज्यव्यापी आपदा का सामना करना पड़ा, तब उन्होंने राज्य सरकार का साथ नहीं दिया।
राजनीतिक और प्रशासनिक नतीजे
थुनाग कॉलेज का स्थानांतरण अब केवल शिक्षा या आपदा प्रबंधन का विषय नहीं रहा, बल्कि यह मामला अब राष्ट्रीय सम्मान, राजनीतिक विरोध, और राहत कोष में पारदर्शिता जैसे गंभीर मुद्दों से जुड़ गया है।
कांग्रेस सरकार इस मुद्दे को मजबूती से उठा रही है, जबकि भाजपा इस पर अलग रुख अपना सकती है।







