धर्मपुर आपदा: एचआरटीसी डिपो और बस अड्डा परिसर को भारी नुकसान
मंडी ज़िला के धर्मपुर क्षेत्र में आई आपदा ने परिवहन व्यवस्था को गहरा धक्का दिया है। प्राकृतिक आपदा की मार झेलते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) धर्मपुर डिपो में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस आपदा में निगम की करीब दो दर्जन बसें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे निगम को करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
डिपो का हालात
धर्मपुर डिपो परिसर पूरी तरह से बर्बादी के आलम में तब्दील हो चुका है।
निगम का बस अड्डा परिसर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है।
पम्प हाउस, वर्कशॉप शेड और निगम से जुड़ी दुकानें भी आपदा की चपेट में आ गईं।
खड़ी बसों के साथ-साथ पार्किंग स्थल में रखी अन्य सामग्री भी नष्ट हो गई है।

राहत की बात
हालांकि इस भीषण नुकसान के बीच राहत की खबर यह है कि निगम के सभी कर्मचारी पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
प्रशासन की सक्रियता
आपदा की जानकारी मिलते ही निगम और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों ने मौके पर नुकसान का प्रारंभिक आकलन शुरू कर दिया है।
प्रभावित ढांचों की सुरक्षा जांच की जा रही है।
निगम ने फिलहाल क्षतिग्रस्त बसों को संचालन से बाहर कर दिया है।

यातायात पर असर
धर्मपुर डिपो से प्रतिदिन बड़ी संख्या में बसें विभिन्न रूटों पर चलाई जाती थीं। इतने बड़े पैमाने पर नुकसान के कारण आने वाले दिनों में स्थानीय और लंबी दूरी की परिवहन सेवाओं पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए एचआरटीसी प्रबंधन वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार कर रहा है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
स्थानीय निवासियों के अनुसार, आपदा का असर इतना तीव्र था कि कुछ ही मिनटों में डिपो परिसर का पूरा ढांचा तहस-नहस हो गया। लोग बताते हैं कि बसें एक-दूसरे से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गईं और परिसर के भीतर मौजूद संरचनाएं टूटकर गिर पड़ीं।
धर्मपुर डिपो एचआरटीसी के लिए एक अहम केंद्र माना जाता है। ऐसे में इस आपदा के बाद निगम को न केवल आर्थिक नुकसान से जूझना होगा, बल्कि बस सेवाओं को सुचारू बनाने के लिए भी बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।







