चिट्टा LSD तस्करी में संलिप्त हिमाचल पुलिस के 21 जवान अब तक नौकरी से बर्खास्त, कुल्लू STF के 4 जवान भी गए

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एप्पल न्यूज़, शिमला

मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश द्वारा दिनांक 15 नवंबर 2025 को प्रारंभ किए गए प्रदेशव्यापी एंटी-चिट्टा जन-आंदोलन के अंतर्गत “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” के संकल्प को सुदृढ़ करने हेतु हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में समन्वित, सघन एवं प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी है।

यह अभियान अब एक सशक्त जनांदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें शासन, प्रशासन एवं जनता की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित हो रही है।

इसी के साथ, हिमाचल प्रदेश पुलिस ने बल के भीतर भी चिट्टे/नशीले पदार्थों एवं भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति को सख्ती से लागू करते हुए एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं कठोर कार्रवाई की है।

एसटीएफ, कुल्लू के चार पुलिस कर्मियों को एक गंभीर एनडीपीएस प्रकरण (थाना न्यू शिमला, 562 LSD स्ट्रिप्स) में संलिप्त पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त किया गया है।

गहन परीक्षण के उपरांत, भारत के संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) एवं हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम के प्रावधानों के तहत कांस्टेबल नितेश, कांस्टेबल अशोक, हेड कांस्टेबल राजेश कुमार एवं हेड कांस्टेबल समीर कुमार को सेवा से बर्खास्त किया गया।

राज्य में इससे पहले 17 पुलिस कर्मियों को नशा संबंधित मामलों में बर्खास्त किया जा चुका था, जो वर्तमान कार्रवाई के साथ बढ़कर 21 हो गया है।

इस संदर्भ में यह पुनः स्पष्ट किया जाता है कि माननीय मुख्यमंत्री का एक स्पष्ट एवं दृढ़ संदेश पूरे राज्य में पहुंच चुका है कि नशा (चिट्टा) तस्करी या पेडलिंग में पुलिस कर्मियों की किसी भी प्रकार की संलिप्तता के प्रति पूर्णतः शून्य सहनशीलता होगी।
साथ ही, ऐसे अपराधियों, उनके सहयोगियों या नेटवर्क के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही, ढिलाई या नरमी बरतने वाले पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध भी कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

यह राज्य सरकार की स्पष्ट नीति और अडिग संकल्प की उद्घोषणा है।

हिमाचल प्रदेश पुलिस यह पुनः दोहराती है कि चिट्टे/नशीले पदार्थों के विरुद्ध “Zero Tolerance” की नीति को पूर्ण कठोरता के साथ लागू किया जाएगा।

दोषी चाहे कोई भी हो, उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि पुलिस बल की ईमानदारी, विश्वसनीयता एवं जनविश्वास अक्षुण्ण बना रहे।

साथ ही, आम नागरिकों—विशेषकर युवाओं—से पुलिस द्वारा एक बार फिर अपील की जाती है कि नशे से संबंधित किसी भी सूचना को तुरंत 112 अथवा नजदीकी पुलिस थाना में साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।

माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व, दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति एवं जनसहभागिता के साथ हिमाचल प्रदेश पुलिस “चिट्टा-मुक्त हिमाचल” के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हर आवश्यक कदम उठाती रहेगी।

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