जिला पुलिस शिमला
शिमला पुलिस द्वारा नशा तस्करों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्कों को ध्वस्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
दिनांक 10.03.2026 को पुलिस थाना न्यू शिमला की टीम ने कार्रवाई करते हुए संदीप शर्मा (जिला मोगा, पंजाब) तथा प्रिया शर्मा (जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश) के कब्जे से 562 स्ट्रिप्स (स्टाम्प साइज) कुल 11.570 ग्राम एलएसडी (LSD) बरामद की।
बैकवर्ड लिंक की जांच के दौरान एलएसडी के सप्लायर की पहचान नेविल हैरिसन निवासी कालीकट, केरल के रूप में हुई। दिनांक 13.03.2026 को पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उक्त आरोपी को गुरुग्राम, हरियाणा से गिरफ्तार किया।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि एलएसडी की खेप की तस्करी कुल्लू जिले में संदीप और नेविल द्वारा की जा रही थी। इस दौरान एसटीएफ में कार्यरत चार पुलिस कर्मियों—मुख्य आरक्षी राजेश, मुख्य आरक्षी समीर, मुख्य आरक्षी नितेश एवं आरक्षी अशोक कुमार—ने इस तस्करी को इंटरसेप्ट करने के बावजूद आरोपियों के साथ मिलकर नशा तस्करी को बढ़ावा दिया।
यह कृत्य जघन्य अपराध, घोर अनुशासनहीनता, आपराधिक षड्यंत्र एवं नैतिक कदाचार का गंभीर मामला है।
उक्त कर्मचारियों की संलिप्तता पाए जाने पर शिमला पुलिस की संस्तुति एवं विस्तृत जांच के बाद एडीजी, सीआईडी द्वारा दिनांक 16.03.2026 को सभी को निलंबित किया गया।
आगे की जांच में डिजिटल, भौतिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर दिनांक 19.03.2026 को निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया गया:
राजेश कुमार (40 वर्ष), निवासी 14 मील, डाकघर बडाग्राम, तहसील मनाली, जिला कुल्लू
समीर (40 वर्ष), निवासी वार्ड नं. 7, पारला भुंतर, तहसील भुंतर, जिला कुल्लू
नितेश (46 वर्ष), निवासी बजौरा, तहसील भुंतर, जिला कुल्लू
अशोक कुमार (42 वर्ष), निवासी वाशिंग, जिला कुल्लू
सभी आरोपियों को कल न्यायालय में पेश किया जाएगा।
यह कार्रवाई संगठित नशा तस्करी के विरुद्ध प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का सशक्त उदाहरण है। हिमाचल प्रदेश पुलिस भविष्य में भी इस प्रकार की कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी, ताकि प्रदेश के युवाओं को सुरक्षित एवं नशामुक्त वातावरण प्रदान किया जा सके।
हिमाचल प्रदेश पुलिस नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील करती है कि नशे से संबंधित किसी भी सूचना की तुरंत जानकारी 112 या नजदीकी पुलिस थाना को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।





