एप्पल न्यूज़, शिमला
जिला पुलिस शिमला ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए नशे के कारोबार से अर्जित करीब 2.28 करोड़ रुपये की अवैध चल एवं अचल संपत्तियां जब्त की हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब कार्रवाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध से अर्जित संपत्तियों को भी कानून के तहत जब्त किया जाएगा।
कोटखाई केस में 2.05 करोड़ की संपत्ति जब्त
पुलिस थाना कोटखाई में दर्ज FIR नंबर 50/2024 के तहत 17 आरोपियों के खिलाफ विस्तृत वित्तीय जांच की गई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नशे की तस्करी से कमाए गए धन से 16 वाहन, सोलन स्थित चोपड़ा अपार्टमेंट्स में दो रिहायशी फ्लैट तथा एक आवासीय भवन खरीदा था।

इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 2.05 करोड़ रुपये आंकी गई। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपियों की वैध आय और अर्जित संपत्तियों में कोई सामंजस्य नहीं था। इसके बाद पुलिस ने सभी संपत्तियों को विधि अनुसार जब्त कर लिया।
बालूगंज केस में जमीन और कार भी जब्त
दूसरे मामले में FIR नंबर 69/2026 के तहत 21 अप्रैल 2026 को तारादेवी रोड पर 8 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद होने के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
वित्तीय जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि मुख्य आरोपी ऋषभ कुमार ने नशा तस्करी से अर्जित धन से मौजा भरोई (जिला शिमला) में एक भूमि प्लॉट और एक मारुति सियाज कार खरीदी थी। इन संपत्तियों का कुल मूल्य 23.23 लाख रुपये है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
2026 में अब तक 4.11 करोड़ की संपत्ति जब्त
जिला पुलिस शिमला के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक छह मामलों में 24 आरोपियों की कुल 4.11 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। पुलिस का दावा है कि यह हिमाचल प्रदेश के किसी भी जिला पुलिस द्वारा की गई सबसे बड़ी संपत्ति जब्ती कार्रवाई है।
पुलिस ने कहा कि नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए आगे भी वित्तीय जांच जारी रहेगी और अपराध से अर्जित हर अवैध संपत्ति को कानून के अनुसार जब्त किया जाएगा।






