एप्पल न्यूज़, रामपुर बुशहर
फांचा (नांती-टिक्कर)–श्रीखंड महादेव ट्रेक को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए ₹1,00,93,800 का विस्तृत अनुमान तैयार किया गया है। रामपुर बुशहर के उपमंडल अधिकारी (नागरिक) ने पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक को पत्र भेजकर प्रस्ताव को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया है।
यह प्रस्ताव बजट आश्वासन 2026-27 के तहत ट्रैकिंग ट्रेल के विकास एवं उन्नयन के लिए तैयार किया गया है। प्रस्तावित मार्ग का अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान (ABVIMAS), मनाली की टीम ने 3 और 4 जुलाई 2026 को रेकी एवं सुरक्षा आकलन किया था। इसके आधार पर श्रीखंड महादेव यात्रा मार्ग के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी तैयार किया गया है।
इन सुविधाओं पर खर्च होगी राशि
प्रस्तावित कार्य
अनुमानित लागत
फांचा कांडा से श्रीखंड महादेव तक पगडंडी/ट्रैक निर्माण
₹20.47 लाख
सपाभावी में प्री-फैब्रिकेटेड डॉक्टर हट
₹6.83 लाख
सपाभावी में प्री-फैब्रिकेटेड शेड
₹22.69 लाख
मंजबाओन में प्री-फैब्रिकेटेड शेड
₹29.22 लाख
सपाभावी में प्री-फैब्रिकेटेड शौचालय
₹9.20 लाख
मंजबाओन में प्री-फैब्रिकेटेड शौचालय
₹11.57 लाख
रेट्रो-रिफ्लेक्टिव रेगुलेटरी साइन बोर्ड
₹46,600
सोलर स्ट्रीट लाइट/दिशा संकेतक
₹32,200
फांचा से श्रीखंड महादेव ट्रेक पर गैबेज पिट
₹17,000
कुल
₹1,00,93,800

चार कार्यों को प्राथमिकता देने का आग्रह
एसडीएम रामपुर बुशहर हर्ष अमरिंदर सिंह ने प्रस्ताव में आइटम नंबर 1, 5, 7 और 9 को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देने का आग्रह किया है। इन चार कार्यों की कुल अनुमानित लागत ₹34.50 लाख है।
इनमें ट्रेक निर्माण, शौचालय, सुरक्षा/नियामक साइनेज तथा कचरा प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं। इनकी स्वीकृति से यात्रा मार्ग पर बुनियादी सुरक्षा एवं स्वच्छता सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था पर भी जोर
तैयार किए गए SOP में सुरक्षा, चिकित्सा सहायता, आपातकालीन निकासी, खोज एवं बचाव, पर्यावरण संरक्षण, कचरा एवं प्लास्टिक प्रबंधन, संचार व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को शामिल किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि इन सुविधाओं के विकसित होने से श्रद्धालुओं और ट्रेकर्स के लिए मार्ग अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होगा तथा आपात स्थिति में रेस्क्यू एवं भीड़ प्रबंधन को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
दस्तावेज के अनुसार, प्रस्तावित ट्रेक का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा जिला शिमला और 20 प्रतिशत हिस्सा जिला कुल्लू में आता है। जिला कुल्लू की ओर का श्रीखंड मार्ग भूस्खलन संबंधी संवेदनशीलताओं के चलते वर्तमान में बंद है। वहीं, कठिन भू-भाग वाले कुछ हिस्सों में श्रद्धालुओं और ट्रेकर्स को रस्सियों की सहायता से आवाजाही करनी पड़ती है।
एसडीएम ने पर्यटन विभाग से विस्तृत अनुमान को शीघ्र मंजूरी देने के साथ प्राथमिकता वाले चार कार्यों के लिए तत्काल सैंक्शन जारी करने का आग्रह किया है, ताकि श्रीखंड महादेव यात्रा मार्ग को आवश्यक सुविधाओं से लैस कर सुरक्षित एवं कार्यात्मक बनाया जा सके।




