एप्पल न्यूज, शिमला
हिमाचल प्रदेश में अब शराब पीकर वाहन चलाना भारी पड़ सकता है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक तिवारी ने प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (SP) को इस संबंध में सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
डीजीपी ने स्पष्ट किया है कि मदिरापान कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अब बिना वारंट गिरफ्तारी की जाएगी, और इस प्रक्रिया में तय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यदि कोई चालक शराब के प्रभाव में वाहन चलाते हुए पाया जाता है, तो मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 185 के तहत संबंधित पुलिस अधिकारी बिना किसी वारंट के तत्काल गिरफ्तार कर सकता है।
साथ ही, यदि कोई व्यक्ति नाम व पता बताने से इंकार करता है, तो अन्य धाराओं के अंतर्गत भी गिरफ्तारी संभव है।
डीजीपी तिवारी ने निर्देश दिए हैं कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस अधिकारी को दो घंटे के भीतर संबंधित व्यक्ति को पंजीकृत चिकित्सक के पास मेडिकल परीक्षण के लिए प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि यह समयसीमा पार होती है, तो आरोपी को जमानत और बांड पर रिहा किया जा सकेगा।
इसके अलावा, सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में की गई हर गिरफ्तारी की सूचना डीएसआई (District Special Intelligence) के माध्यम से पुलिस मुख्यालय को भेजी जाए।
डीजीपी तिवारी ने दोहराया कि सड़क सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनता में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने और सड़क हादसों को रोकने के लिए सख्ती जरूरी है।
प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों और शराब पीकर वाहन चलाने की घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। डीजीपी के निर्देशों के बाद अब पुलिस शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ पहले से ज्यादा सजग और तत्पर नजर आएगी।
रिपोर्ट: Apple News ब्यूरो, शिमला







