20 से 25 जून तक ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
एप्पल न्यूज, शिमला
हिमाचल प्रदेश में मानसून दस्तक देने वाला है और इसके साथ ही मौसम विभाग ने 20 से 25 जून 2025 के बीच भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस अवधि के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जो संभावित गंभीर मौसम की स्थिति को दर्शाता है।
हिमाचल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश से पहले ही मौसम का मिजाज बदलने लगा है। मौसम विभाग ने 20 जून से लेकर 25 जून तक राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

इसके तहत प्रदेश के पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। साथ ही यह भी अनुमान जताया गया है कि अगले दो दिनों में मानसून की आधिकारिक एंट्री हो जाएगी।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, 21 से 23 जून के बीच ऊना और बिलासपुर में, जबकि 21 और 22 जून को हमीरपुर, शिमला और सिरमौर में भारी वर्षा की प्रबल संभावना है।
विशेष तौर पर 22 जून को ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा और सिरमौर जिलों में अत्यधिक वर्षा को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
यह अलर्ट संभावित भूस्खलन, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और यातायात बाधित होने जैसी आपात स्थितियों की चेतावनी है।
वर्तमान में मानसून की लहरें राजस्थान के बाड़मेर, जोधपुर, जयपुर, और मध्य भारत के ग्वालियर, सोनभद्र, बलिया तक पहुंच चुकी हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों में यह हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है।
इस बार औसत से अधिक बरसात की संभावना
मौसम विभाग का कहना है कि इस वर्ष मानसून की सक्रियता औसत से अधिक रह सकती है। निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में तेज वर्षा की गतिविधियां अधिक देखने को मिल सकती हैं।
प्रदेश सरकार ने पिछले वर्ष 2023 की मानसूनी तबाही को देखते हुए इस बार पहले से तैयारियां कर ली हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देश पर सभी जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल, पीडब्ल्यूडी, जल शक्ति और बिजली विभागों को सतर्क कर दिया गया है। राहत व बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जा रहा है।
नागरिकों के लिए सलाह:
मौसम विभाग के अलर्ट का पालन करें।
भारी बारिश वाले दिनों में अत्यावश्यक यात्रा से बचें।
नालों, नदियों और ढलानों से दूर रहें।
किसी भी आपदा की स्थिति में आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली बारिश राहत के साथ-साथ चुनौती भी लेकर आ सकती है। ऐसे में प्रशासन और आम लोगों को मिलकर सतर्कता बरतने की जरूरत है।







