एप्पल न्यूज, कुल्लू/मंडी
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मानसूनी कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार तड़के कुल्लू जिले के मौहल क्षेत्र के छारशू नाले में बादल फटने से भारी बाढ़ आई, जिसने पिरड़ी होते हुए मंडी और कुल्लू के कई इलाकों को प्रभावित कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा ने दोनों जिलों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है।
जानकारी के अनुसार, बादल फटने और मूसलाधार बारिश से 21 से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 28 गाड़ियां मलबे में दब गईं या बह गईं। कुल्लू के पाहनाला, खोखन और पिरड़ी क्षेत्रों में घरों में पानी घुस गया।
पिरड़ी में तीन गाड़ियां बह गईं, वहीं भुंतर बाजार की दुकानों में पानी भरने से व्यापारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ा। शुरढ़ चौक के पास सड़क क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे नौ वाहन बीच रास्ते में फंस गए। मलाणा डैम को भी नुकसान पहुंचा है।

कुल्लू में सात मकानों को सीधा नुकसान हुआ है, जबकि दस वाहन क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं। बदाह के प्राथमिक विद्यालय, क्षेत्रीय कानूनगो भवन और नशा मुक्ति केंद्र में भी पानी घुस आया।
दूसरी ओर, मंडी जिले में फ्लैश फ्लड ने तबाही मचा दी। कटौला और देवब्रडता क्षेत्र में भारी बारिश के बाद आए मलबे से 14 घर पूरी तरह बर्बाद हो गए।
साथ ही सात गौशालाएं और एक पैदल पुल बह गया। तीन कारें और 15 दोपहिया वाहन मलबे में दब गए। औट बाजार, टकोली सब्जी मंडी और माहौर पुल क्षेत्र में भी जगह-जगह मलबा फैल गया है।
प्रशासन ने बताया कि मंडी जिले में ही एनएच-21 के अलावा कुल 201 सड़कें बंद हो चुकी हैं। प्रदेशभर में अब तक मानसून के चलते 352 सड़कें, 1067 ट्रांसफार्मर और 116 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं।
प्रदेश सरकार के अनुसार, इस मानसून सीजन में अब तक 263 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 332 लोग घायल हुए हैं। भारी बारिश और भू-स्खलन से राज्य को अब तक 2,173 करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
स्थिति को देखते हुए एसडीएम सदर मंडी रूपिंदर कौर ने सोमवार को मंडी उपमंडल में सभी सरकारी व निजी शैक्षणिक संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों तक बारिश की रफ्तार धीमी रहेगी, लेकिन 21 अगस्त से फिर भारी बारिश की संभावना है। विभाग ने चंबा और कांगड़ा जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कुल्लू, मंडी और किन्नौर जिलों में बारिश से हुई तबाही की समीक्षा की। उन्होंने उपायुक्तों को क्षति की विस्तृत रिपोर्ट भेजने और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सड़क बहाली व राहत कार्यों में तेजी लाने के आदेश देते हुए जनता से नदियों और नालों से दूर रहने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।







