एप्पल न्यूज, बद्दी/बरोटीवाला/ शिमला
हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड में लगभग 11.84 करोड़ रुपए की वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है। इस मामले में बोर्ड के तीन पूर्व इंजीनियरों और मैसर्ज गिलवर्ट इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के दो निदेशकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
बिजली बोर्ड के चेयरमैन संजय गुप्ता ने विजिलेंस को शिकायत दी थी कि कंपनी ने बिजली बिल का भुगतान किए बिना ही बिजली की आपूर्ति दोबारा चालू करवाई गई।
इस दौरान बिल किस्तों में बांट दिया गया और बाद में चेक बाउंस हो गए। इससे बोर्ड को लगभग 11.84 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

विजिलेंस की जांच में पाया गया कि यह कार्रवाई सप्लाई कोड 2009 और बोर्ड के नियमों का उल्लंघन थी। बिजली की पुनर्बहाली के लिए वित्त और लेखा शाखा की मंजूरी नहीं ली गई और बरोटीवाला विद्युत उपमंडल ने खातों का सही मिलान भी नहीं किया।
एफआईआर में तत्कालीन चीफ इंजीनियर (आपरेशन) राजेश कुमार ठाकुर, अधीक्षण अभियंता (आपरेशन) अनूप धीमान, चीफ इंजीनियर (कॉमर्शियल) वाई.आर. शर्मा और मैसर्ज गिलवर्ट इस्पात प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अभिनव मौदगिल व उमेश मौदगिल के नाम शामिल हैं।
इसके अलावा अन्य अज्ञात अधिकारियों पर भी मामला दर्ज किया गया है।
विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। विद्युत बोर्ड में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है।







