एप्पल न्यूज़, शिमला
नए वर्ष से ठीक पहले हिमाचल प्रदेश शिक्षा विभाग ने लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे लैक्चरार और हैडमास्टरों को बड़ी सौगात दी है।
विभाग ने मंगलवार को पदोन्नति आदेश जारी करते हुए स्कूल कैडर के कुल 779 अधिकारियों को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत किया है। इनमें 512 हैडमास्टर और 267 लैक्चरार शामिल हैं।
इस संबंध में राकेश कंवर (शिक्षा सचिव) की ओर से अधिसूचना जारी की गई। आदेश विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की सिफारिशों के आधार पर जारी किए गए हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में संभवतः यह पहली बार है जब एक साथ इतने बड़े स्तर पर प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नतियां की गई हैं।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि पदोन्नति प्राप्त करने वाले सभी अधिकारी 31 मार्च 2026 तक अपने वर्तमान विद्यालयों में ही सेवाएं देंगे। उन्हें अप्रैल 2026 में स्टेशन आबंटन किया जाएगा।

मौजूदा शैक्षणिक सत्र के समाप्त होने तक सभी पदोन्नत प्रधानाचार्य अपने-अपने स्कूलों में लैक्चरार या हैडमास्टर के रूप में ही कार्य करते रहेंगे।
शिक्षा विभाग का कहना है कि यदि बीच सत्र में इतने बड़े पैमाने पर ट्रांसफर किए जाते हैं, तो इससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं और छात्रों की पढ़ाई बाधित होने की आशंका रहती है।
इसी कारण विभाग ने निर्णय लिया है कि शैक्षणिक सत्र पूरा होने के बाद ही पदस्थापन (पोस्टिंग) की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पदोन्नति आदेश जारी होने के बाद शिक्षकों में खुशी की लहर है। लंबे समय से अटकी इस प्रक्रिया के पूरी होने से न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि विद्यालयों में नेतृत्व को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पर्याप्त संख्या में प्रधानाचार्यों की उपलब्धता से स्कूल प्रशासन और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार आएगा।
कुल मिलाकर, नए साल से पहले शिक्षा विभाग का यह कदम शिक्षक हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है, जिससे राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।







