एप्पल न्यूज़, शिमला
पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने नशे के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिट्टा तस्करी में संलिप्त लोग पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
इस संबंध में कैबिनेट में चर्चा के बाद आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे और जल्द ही अधिसूचना जारी की जाएगी।
हर पंचायत में स्कूल प्रिंसिपल नोडल अधिकारी
मंत्री ने बताया कि नशे के खिलाफ समन्वय को मजबूत करने के लिए हर पंचायत में नजदीकी स्कूल के प्रिंसिपल को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।
साथ ही, चिट्टे से जुड़ी सूचना देने वालों को इनाम देने की व्यवस्था लागू है। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और कुछ मामलों में इनाम दिया भी जा चुका है।

जीरो टॉलरेंस नीति, संपत्तियां भी होंगी ध्वस्त
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार की नशे के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति है। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से संबंधित डाटा एकत्र किया जा चुका है।
जो भी नशे के सेवन या कारोबार में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों को भी ध्वस्त किया जाएगा।
264 पंचायतें अति संवेदनशील
मंत्री ने बताया कि चिट्टा अब एक सामाजिक बीमारी बन चुका है। प्रदेश की 264 पंचायतें बॉर्डर एरिया में होने के कारण अति संवेदनशील हैं।
इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी और व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। ग्राम सभाएं इस अभियान की रीढ़ होंगी, जहां पंचायत प्रतिनिधि, शिक्षक, युवा और आम लोग मिलकर समाधान पर चर्चा करेंगे।
21–22 जनवरी को विशेष ग्राम सभाएं
मंत्री ने शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि प्रदेश की 3577 पंचायतों में 21 और 22 जनवरी को विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन होगा। इन सभाओं में चिट्टे की रोकथाम की रणनीति बनेगी और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल टूर्नामेंट
युवाओं को नशे से दूर रखने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर क्रिकेट, वॉलीबॉल और कबड्डी टूर्नामेंट कराए जाएंगे। इसके लिए बीडीओ को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।
बाद में जिला और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं होंगी। राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में 21–21 लाख रुपये की इनामी राशि रखी गई है। ये प्रतियोगिताएं फरवरी के पहले सप्ताह से शुरू होंगी।
सरकार ने नशे के खिलाफ प्रशासनिक, सामाजिक और खेल-आधारित तीनों मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई का रोडमैप तैयार किया है, जिससे पंचायत स्तर से लेकर राज्य स्तर तक प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित हो







