एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण जनजीवन अभी भी प्रभावित है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही बाधित हो रही है। हालांकि बारिश थमते ही लोक निर्माण, विद्युत और जल शक्ति विभाग के कर्मचारियों ने राहत एवं बहाली कार्य तेज कर दिए हैं, जिससे कई स्थानों पर सेवाएं बहाल की गई हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार 30 जून से 28 जुलाई के बीच लाहौल-स्पीति जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां भूस्खलन की घटनाओं में 14 लोगों की जान जा चुकी है।

मंगलवार सुबह तक प्रदेश में 230 सड़कें बंद थीं। दिनभर चले बहाली अभियान के बाद 51 सड़कें यातायात के लिए खोल दी गईं, जबकि अभी भी 179 सड़कें बंद हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में 62 बिजली ट्रांसफार्मर और 107 पेयजल योजनाएं अब भी प्रभावित हैं। उल्लेखनीय है कि मंगलवार सुबह 293 ट्रांसफार्मर और 93 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं, जिनमें से अधिकांश को विभागीय कर्मचारियों ने दिनभर की कड़ी मेहनत से बहाल कर दिया।
सड़कों की बात करें तो सबसे अधिक 58 सड़कें मंडी जिले में बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू में 42, चंबा में 30, सिरमौर में 26 और शिमला में 17 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। शिमला जिले के रामपुर, चौपाल और सुन्नी क्षेत्रों के कई गांव अब भी सड़क संपर्क से कटे हुए हैं।
बिजली व्यवस्था पर भी बारिश का असर देखने को मिला है। चंबा जिले में 41 ट्रांसफार्मर अभी भी बंद हैं, जबकि मंडी में 16 और शिमला में पांच ट्रांसफार्मर बहाल किए जाने शेष हैं।
वहीं पेयजल आपूर्ति भी कई क्षेत्रों में प्रभावित है। सबसे अधिक 26 पेयजल योजनाएं सिरमौर और 22 योजनाएं शिमला जिले में प्रभावित हैं, जिससे कई ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन और संबंधित विभाग लगातार राहत एवं बहाली कार्यों में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम अनुकूल रहने पर बंद सड़कें, बिजली आपूर्ति और पेयजल योजनाओं को जल्द से जल्द पूरी तरह बहाल करने का प्रयास जारी है।







