निजी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न अंगः शिक्षा मंत्री

एप्पल न्यूज़, शिमला
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शिमला से वीडियो काॅंफ्रेस के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व संचालकों तथा शिक्षा विभाग के उप-निदेशकों के साथ बैठक की, जिसमें निजी विद्यालयों की समस्याओं का समाधान निकालने तथा विद्यार्थियों की शिक्षा पर चर्चा की गई।


शिक्षा मंत्री ने कहा कि देश में कोविड-19 के संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गए समयबद्ध निर्णयों के कारण शिक्षा व्यवस्था को बनाए रखने में मार्गदर्शन मिला है। इसी प्रकार प्रदेश में भी मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के दिशा-निर्देशों के अनुसार शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रभाव नहीं पड़ने दिया तथा आॅनलाइन कक्षाओं, सोशल मीडिया प्लेटफार्म, दूरदर्शन पर शैक्षणिक कार्यक्रम तथा इन्टरनेट के माध्यम से पढ़ाई को जारी रखा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को सभी वर्गों व क्षेत्रों की चिन्ता है तथा इन विशेष परिस्थितियों में सरकार महत्वपूर्ण निर्णय लेगी, जिसमें सभी के हितों का ध्यान रखा जाएगा। बच्चों की सुरक्षा आवश्यक है, इसलिए स्कूलों को खोलने का निर्णय महत्वपूर्ण है, जिसपर विचार-विमर्श किया जा रहा है। निजी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न अंग है तथा उनके महत्वपूर्ण योगदान से हिमाचल में शिक्षा का स्तर बेहतरीन हुआ है। उन्होंने विभिन्न निजी विद्यालयों के प्रमुखों को आश्वासन दिया कि उनकी जायज मांगों पर अवश्य विचार कर निर्णय लिया जाएगा।
प्रधान सचिव शिक्षा के.के. पंत ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य निजी विद्यालयों की समस्याओं का समाधान निकालना तथा उनके सुझावों को निर्णय लेते समय ध्यान में रखना है। प्रदेश सरकार एक संतुलित उपाय के तहत निजी विद्यालयों तथा अभिभावकों की समस्याओं का निदान करने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि आॅनलाइन शिक्षा कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों का एक विकल्प है, न कि स्थायी व्यवस्था।
इससे पूर्व, निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों तथा संचालकों ने शिक्षा मन्त्री को अपने संस्थानों में कोविड-19 के दौरान किए जा रहे उपायों, शिक्षा व्यवस्था से संबंधित मुद्दों तथा इस संकट के समय में पेश आ रही समस्याओं से अवगत करवाया। सभी प्रधानाचार्यों ने प्रदेश सरकार का सहयोग देने की सहमति जताई तथा विद्यालयों से सम्बन्धित फीस, सैनिटाइजेशन तथा विसंक्रमण जैसे विभिन्न मुद्दों पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया।
बैठक का संचालन हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के अध्यक्ष डाॅ. सुरेश कुमार सोनी ने किया। इस अवसर पर बोर्ड के सचिव अक्षय सूद भी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान उच्च शिक्षा निदेशक डाॅ. अमरजीत शर्मा तथा प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक रोहित जम्वाल भी उपस्थित थे।
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