एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश सचिवालय में हुई एक अजीबोगरीब गहत्न की चर्चा आज सचिवालय के गलियारों से निकालकर प्रदेश भी मे दिन सुर्खियां बटोरती रही। जहां पास दिखाने के आग्रह पर एक कांग्रेसी नेता ने सिक्योरिटी गार्ड को ही थप्पड़ मार दिया।
यह मामला बुधवार सुबह करीब 11 बजे का बताया जा रहा है, जब चौपाल विधानसभा क्षेत्र से संबंधित यह नेता सचिवालय के मुख्य द्वार पर पहुंचा।
जब सुरक्षा कर्मी ने नेता से पास दिखाने को कहा, तो नेता ने न सिर्फ पास दिखाने से इनकार किया बल्कि उलझना शुरू कर दिया, और बात बढ़ने पर थप्पड़ मार दिया।
घटना के तुरंत बाद छोटा शिमला पुलिस स्टेशन से पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया। वहां आपसी समझौते के बाद फिलहाल कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।
इस घटना ने वीआईपी व्यवहार और सुरक्षा कर्मियों के सम्मान को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह मामला कुछ अहम सवाल खड़ा करता है:
- क्या वीआईपी संस्कृति नियमों से ऊपर है?
- क्या ऐसे मामलों में केवल समझौते से काम चलाना ठीक है?
- सरकारी संस्थानों में सुरक्षा कर्मियों की गरिमा और सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए?

नेता का थप्पड़ और एक लोकतंत्र की परीक्षा
हिमाचल सचिवालय में एक कांग्रेसी नेता द्वारा सुरक्षा कर्मी को थप्पड़ मारना सिर्फ एक मामूली झगड़ा नहीं, बल्कि हमारे लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक सीधा आघात है।
जब एक निर्वाचित प्रतिनिधि या राजनीतिक पदाधिकारी कानून और व्यवस्था के सामान्य नियमों को ताक पर रखता है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है – क्या लोकतंत्र में कुछ लोग नियमों से ऊपर हैं?
सुरक्षा कर्मी अपना कर्तव्य निभा रहा था। उसका अपमान सिर्फ उसकी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था का अपमान है जो जनता की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए खड़ी है।
समझौता कर लेना आसान होता है, लेकिन क्या इससे ऐसे मामलों को बढ़ावा नहीं मिलता? ज़रूरत है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई भी सत्ता के नशे में इंसाफ को न रौंद सके।
हिमाचल सचिवालय में शर्मनाक घटना! पास मांगने पर कांग्रेसी नेता ने सुरक्षा कर्मी को थप्पड़ मार दिया।







