एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) द्वारा 2 जून 2025 को राज्य में एक संचार मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
यह ड्रिल प्रातः 11:00 बजे आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता डी.सी. राणा, आईएएस, निदेशक सह विशेष सचिव (राजस्व – आपदा प्रबंधन) ने की।
यह अभ्यास आगामी 9वें राज्य स्तरीय मेगा मॉक अभ्यास और मानसून सीजन की तैयारियों के संदर्भ में आयोजित किया गया।

इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य राज्य की आपातकालीन संचार व्यवस्था की तत्परता और मजबूती का मूल्यांकन करना तथा इसमें मौजूद कमियों की पहचान करना था।
इस दौरान अध्यक्ष द्वारा चंबा (टिस्सा), शिमला (डोडरा कवाड़), लाहौल-स्पीति (किलोंग), किन्नौर (रिकांगपिओ), कांगड़ा (बरा भंगल) और चंबा (कुगती) जैसे दुर्गम स्थानों पर वॉइस कॉल के माध्यम से संचार की स्थिति को परखा गया।
ड्रिल के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी परीक्षण किया गया, जिसमें वी-सैट टर्मिनलों के माध्यम से जम्मू और कश्मीर, दिल्ली हब, किन्नौर (रिकांगपिओ) और कर्नाटक (बेंगलुरु) स्थित कंट्रोल रूम्स से वास्तविक समय के संचार परिदृश्यों का अनुकरण किया गया।

इसके अतिरिक्त, सैटेलाइट संचार उपकरणों की तकनीकी जांच भी की गई।
इस ड्रिल में विभिन्न संगठनों ने भाग लिया और अपने I-Sat तथा V-SAT उपकरणों का परीक्षण किया।
I-Sat फोन परीक्षण में कुल 227 उपकरणों का उपयोग किया गया, जिसमें सबसे अधिक 114 उपकरण राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और जिला प्राधिकरणों द्वारा प्रयोग किए गए।
अन्य प्रमुख भागीदारों में पुलिस (34), बांध प्राधिकरण (45), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (14), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (9), GREF (8), ITBP (2) और सेना (1) शामिल रहे।
V-SAT फोन परीक्षण में कुल 144 उपकरणों की जांच की गई, जिसमें CT&S द्वारा 141 और CT&S (फ्लाईवे) द्वारा 3 उपकरणों का परीक्षण किया गया।
यह संचार मॉक ड्रिल पूरी तरह सफल रही और इसने राज्य की आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी संचार प्रणाली और तत्परता को सिद्ध किया।







