एप्पल न्यूज, शिमला
हिमाचल प्रदेश में मानसून फिर एक बार कहर बनकर टूटा है। सोमवार को भारी बारिश और ऑरेंज अलर्ट के बीच चार और लोगों की मौत हो गई।
इसके साथ ही बरसात से मरने वालों की कुल संख्या 132 हो गई है। अब तक 1246 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है, जबकि 223 लोग घायल और 34 अब भी लापता हैं।
प्रदेश के कई जिलों से बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ की घटनाएं सामने आई हैं। चंबा जिला के तीसा में बादल फटने की घटना ने दहशत फैला दी।
पांच घरों को नुकसान हुआ और एक पुल बह गया। वहीं, मैहला में एक मकान के ढहने से दंपत्ति की दर्दनाक मौत हो गई।

पांवटा साहिब में बाता नदी का रौद्र रूप देखने को मिला जहां एक 40 वर्षीय व्यक्ति बह गया। सुंदरनगर में जडोली खड्ड पार करते वक्त एक युवक की मौत हो गई, जिसका शव बाद में रतोग पुल के पास मिला।
प्रमुख क्षति:
132 मौतें, जिनमें 58 सड़क दुर्घटनाओं से
398 सड़कें पूरी तरह से बंद
3 नेशनल हाईवे बाधित
1246 करोड़ से अधिक का नुकसान
223 घायल, 34 लापता
बड़े नुकसान वाले क्षेत्र:
किन्नौर (टापरी) में फ्लैश फ्लड, NH-5 बाधित
कुल्लू (लागनी) में भूस्खलन, बागीचों को नुकसान
लाहौल-स्पीति (कॉमिक गांव) में ओलावृष्टि, 90% फसलें तबाह
सिरमौर में बार-बार पहाड़ टूटने से NH-707 बंद
मंडी (सुन्नी) में सतलुज नदी का जलस्तर खतरे के निशान पर
नाथपा झाखड़ी व डेहर पावर हाउस में बिजली उत्पादन बंद

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश:
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सभी जिलों के उपायुक्तों से फोन पर स्थिति की जानकारी ली और अलर्ट रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आपदा से निपटने के लिए सभी उपाय किए जाएं। मुख्यमंत्री ने आम जनता से अपील की कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
स्थिति बेहद गंभीर, जनता सतर्क रहे:
हिमाचल में मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे और भी भारी बारिश का अनुमान जताया है। कई जिलों में स्कूल बंद किए गए हैं और रेस्क्यू टीमें अलर्ट पर हैं। आम जनता से अपील है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।






