एप्पल न्यूज, शिमला हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन की बढ़ती आवृत्ति से निपटने के लिए राज्य सरकार बायो-इंजीनियरिंग पहल शुरू कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वेटिवर घास की खेती के लिए एक पायलट परियोजना शुरू की गई है, जो अपनी गहरी और घनी जड़ों के […]
किसान – बागवान
एप्पल न्यूज, शिमला हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री चंद्र कुमार का हालिया बयान न केवल प्रदेश की कांग्रेस इकाई की स्थिति को दर्शाता है, बल्कि पार्टी की समग्र रणनीति और सरकार की कृषि-नीतियों पर भी महत्वपूर्ण प्रकाश डालता है। उनके इस बयान में दो मुख्य पहलू शामिल हैं—एक तरफ कांग्रेस […]
एप्पल न्यूज, कुमारसेन शिमला हिमाचल प्रदेश के सेब कारोबारियों को एक बार फिर बाहरी राज्यों के व्यापारियों द्वारा धोखा दिए जाने की घटना सामने आई है। यह मामला शिमला जिले के कुमारसैन क्षेत्र से जुड़ा है, जहां नरेंद्र कंवर नामक सेब व्यापारी से 1.56 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। यह […]
एप्पल न्यूज, बिलासपुर हरिमन शर्मा, हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले की घुमारवीं तहसील से एक प्रगतिशील किसान हैं, जिन्हें 2025 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें कृषि के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान और अभिनव प्रयासों के लिए दिया गया। हरिमन शर्मा ने सेब की एक […]
एप्पल न्यूज, कांगड़ा मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा के ढगवार में 1.50 लाख लीटर प्रतिदिन (एलएलपीडी) क्षमता वाले अत्याधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि संयंत्र की प्रारंभिक प्रसंस्करण क्षमता 1.50 एलएलपीडी है, जिसे भविष्य में तीन एलएलपीडी तक बढ़ाया जा सकता है। इस […]
एप्पल न्यूज, शिमला मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कृषि विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभाग के अधिकारियों को प्रदेश में प्राकृतिक खेती से गेहूं व मक्की उगाने वाले क्षेत्रों की मैपिंग करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि विभाग के सभी फार्म को सिर्फ […]
एप्पल न्यूज, शिमला हिमाचल प्रदेश वन पारिस्थितिकीय तंत्र प्रबन्धन और आजीविका में सुधार के लिए हिमाचल में आरम्भ की गई जाईका परियोजना (जापान इंटरनेशनल कॉआपरेशन अजेंसी) से जुड़कर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आजीविका में सुधार कर रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान ने आज जाईका के मुख्य कार्यालय टूट (शिमला) में जाईका के संवाद पत्र के विमोचन अवसर पर बोलते हुए कही। उन्होंने कहा कि जाईका परियोजना प्रदेश के सात जिलों किन्नौर, शिमला, बिलासपुर, मण्डी, कुल्लू, कांगड़ा तथा लाहौल-स्पीति जिलों में कार्यान्वित की जा रही है जिसकी अवधि 10 वर्षो तक है। उन्होंने प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को इस परियोजना के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया । परियोजना निदेशक श्रेष्ठा नन्द शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा जाईका द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया । उन्होंने कहा कि परियोजना के संवाद पत्र में गत तीन महीनों की अवधि के दौरान सफलतापूर्वक संचालित गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। उन्होेंने कहा कि इस पत्रिका के प्रकाशन के लिए फील्ड स्तर पर सेवाएं दे रहे विषय वस्तु विशेषज्ञ, क्षेत्रीय तकनीकि इकाई समन्वयक और वन विभाग के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे पूर्व नरेश चौहान ने परियोजना के हिन्दी संस्करण संवाद पत्र के 14वें संस्करण तथा अंग्रेजी संस्करण न्यू लैटर का विमोचन किया। उन्होंने जाईका परियोजना की टीम को इन संस्करणों के प्रकाशन के लिए बधाई दी और उनके प्रयासों की सराहना की । इस अवसर पर परियोजना के मुख्य निदेशक एवं वन विभाग के प्रमुख अरण्यपाल समीर रस्तोगी, जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एस.के.काप्टा, परियोजना एवं वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित थे।





