IMG_20260124_200231
previous arrow
next arrow

हिमाचल में 27-29 दिसंबर तक बारिश और बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी

IMG_20251207_105330
previous arrow
next arrow

एप्पल न्यूज, शिमला

हिमाचल प्रदेश के लोगों को एक बार फिर सर्द मौसम की कठोरता का सामना करना पड़ेगा। शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी 27 और 28 दिसंबर को राज्य में बारिश और बर्फबारी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

यह अलर्ट विशेष रूप से राज्य के ऊपरी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों के लिए जारी किया गया है, जहां भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना है।

कौन-कौन से क्षेत्र होंगे प्रभावित?

चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और शिमला जिलों में ऊपरी इलाकों में भारी हिमपात हो सकता है। इन क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते जनजीवन प्रभावित हो सकता है। वहीं, निचले क्षेत्रों जैसे बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम बदलाव का कारण

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, इस बदलाव का मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है। यह विक्षोभ 27 दिसंबर को प्रदेश में प्रवेश करेगा, जिसके चलते दोपहर बाद बारिश और बर्फबारी शुरू हो जाएगी।

28 दिसंबर को इसका प्रभाव अपने चरम पर रहेगा, जब ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और निचले तथा मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

तापमान में गिरावट और जनजीवन पर प्रभाव

इस मौसम परिवर्तन के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। ऊपरी इलाकों में तापमान शून्य से नीचे जा सकता है, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी कड़ाके की ठंड बढ़ेगी।

बर्फबारी के कारण सड़क मार्गों पर बर्फ जमा होने से यातायात बाधित हो सकता है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी है।

सुरक्षा और तैयारियां

ऑरेंज अलर्ट के तहत प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है। जिन क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की संभावना है, वहां जरूरी सामान, गर्म कपड़े और आपातकालीन सेवाओं का ध्यान रखना अनिवार्य है।

  1. ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
  2. पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करें।
  3. ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पर्याप्त मात्रा में आवश्यक खाद्य और ईंधन का भंडारण करने की सलाह दी गई है।

अलर्ट के महत्व

ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि स्थिति सामान्य से गंभीर हो सकती है। यह अलर्ट प्रशासन और नागरिकों दोनों के लिए एक चेतावनी है कि वे सतर्क रहें और आपदा प्रबंधन योजनाओं को सक्रिय रखें।

प्रभावित क्षेत्रों में मुख्य समस्याएं

भारी बर्फबारी के कारण बिजली और संचार सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। सर्द हवाओं और गिरते तापमान से फसलों को भी नुकसान हो सकता है। साथ ही, पर्यटकों की संख्या में भी गिरावट देखने को मिल सकती है।

निष्कर्ष

27 से 29 दिसंबर तक हिमाचल प्रदेश में मौसम का यह बदलाव न केवल सर्दी बढ़ाएगा बल्कि जनजीवन को भी प्रभावित करेगा। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

Share from A4appleNews:

Next Post

दुःखद- पूर्व प्रधानमंत्री एवं अर्थशास्त्री डॉ मनमोहन सिंह का निधन, कांग्रेस ने कल के सारे कार्यक्रम किए रद्द

Thu Dec 26 , 2024
एप्पल न्यूज, शिमला डॉ. मनमोहन सिंह का निधन न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका जीवन एक प्रेरणा है, जो सादगी, विद्वत्ता और समर्पण का प्रतीक रहा। 92 वर्ष की आयु में, उन्होंने दिल्ली के एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली, लेकिन उनका योगदान […]

You May Like

Breaking News