एप्पल न्यूज़, शिमला
शिमला के रिज पर स्व. वीरभद्र सिंह की प्रतिमा स्थापना पर असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
कसुम्पटी की कथित निवासी सुमन कदम ने नगर निगम को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के 2013 के एक फैसले का हवाला देते हुए इस स्थापना पर आपत्ति जताई है।
पत्र में कोई तारीख नहीं है, लेकिन इसे गंभीरता से लिया गया है और सरकार को भेजा गया है।
विधि विभाग ने मामले को मंत्रिपरिषद के विचारार्थ भेजने की सिफारिश की है।

वीरभद्र सिंह छह बार हिमाचल के मुख्यमंत्री रहे, और उनके समर्थक चाहते हैं कि उनकी प्रतिमा रिज पर स्थापित की जाए।
उनके समर्थकों ने इसके लिए “राजा वीरभद्र सिंह फाउंडेशन” बनाया है और खर्च उठाने की बात कही है, पर मुख्यमंत्री ने कहा है कि सभी खर्च सरकार उठाएगी।
नगर निगम ने पहले ही रिज पर प्रतिमा के लिए स्थान देने का निर्णय कर लिया था, लेकिन उस समय सुमन कदम का पत्र प्राप्त नहीं हुआ था।
इससे पहले 2023 में वीरभद्र सिंह की प्रतिमा सैंज में स्थापित की गई थी। रिज पर जगह न मिलने से उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह ने नाराजगी जताई थी।
यह विवाद मुख्यमंत्री सुक्खू और वीरभद्र समर्थकों के आपसी संबंधों की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मंत्रिपरिषद इस आपत्ति पर क्या निर्णय लेती है, क्योंकि यह मामला कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और जनसमर्थन पर भी असर डाल सकता है।
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