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हिमाचल में कुदरत का कहर, कांगड़ा और मंडी में तूफान से 2 की मौत, कई क्षेत्रों में तबाही, 23 से 25 मई तक फिर तेज बारिश और तूफान की आशंका

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एप्पल न्यूज, शिमला/कांगड़ा/मंडी

हिमाचल प्रदेश में सोमवार सुबह कुदरत ने कहर बरपाया। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बीच राज्य के कई हिस्सों में तेज तूफान, बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया।

कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी नुकसान की खबरें हैं, जहां पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से जनहानि और संपत्ति का व्यापक नुकसान हुआ है।

कांगड़ा में दर्दनाक हादसा – दो लोगों की मौत

कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां उपमंडल की खोवा पंचायत में एक भीषण हादसा हुआ, जब तेज तूफान के दौरान एक विशाल पीपल का पेड़ एक ट्रक पर जा गिरा।

इस दर्दनाक घटना में ट्रक चालक संजीव कुमार और उसके साथ बैठे टेक चंद की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों व्यक्ति चाय पीकर ट्रक में बैठे ही थे कि तूफान के दौरान यह त्रासदी घट गई।

मंडी में व्यापक क्षति, पेड़ और टॉवर गिरे

मंडी जिला के पटड़ीघाट और पड्डल मैदान में आंधी-तूफान ने खासा कहर बरपाया। टेलीफोन टॉवर के गिरने की खबर है और कई स्थानों पर ओलावृष्टि के साथ झमाझम बारिश ने किसानों और बागवानों को नुकसान पहुंचाया। भारी पेड़ों के गिरने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित

तूफान के चलते कांगड़ा, मंडी और आसपास के क्षेत्रों में बिजली के खंभे और टेलीफोन लाइनें गिरने से बिजली व संचार व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है।

शिमला और ऊपरी इलाकों में बागबानी को नुकसान

शिमला जिला के ऊपरी क्षेत्रों में भी तेज हवाओं ने सेब के नन्हे पौधों और फलों को नुकसान पहुंचाया है।

इससे बागबानों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति 25 मई तक बनी रह सकती है।

चंबा में भूकंप के झटके

सोमवार सुबह चंबा जिले में रिक्टर पैमाने पर 3.3 तीव्रता के भूकंप के झटके भी महसूस किए गए। भूकंप की गहराई जमीन से लगभग 5 किलोमीटर मापी गई।

हालांकि किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लोगों में दहशत का माहौल जरूर बना रहा।

मौसम विभाग का अलर्ट जारी

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने जानकारी दी है कि आने वाले दिनों में भी राहत की उम्मीद कम है:

  • 21 व 22 मई को मैदानी इलाकों में मौसम कुछ हद तक साफ रहेगा।
  • 23 से 25 मई तक पूरे प्रदेश में फिर से तेज बारिश और तूफान की आशंका है।
  • चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

सावधानी बरतने की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम की गंभीरता को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें, और पेड़ों, बिजली के खंभों से दूर रहें।

किसानों और बागवानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
प्राकृतिक आपदाओं की अनिश्चितता ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश के निवासियों को सचेत किया है। जहां एक ओर गर्मियों में बारिश ने राहत दी है, वहीं इसकी तीव्रता ने जान-माल को नुकसान पहुंचाया है।

सरकार और प्रशासन से अपेक्षा है कि पीड़ितों को शीघ्र सहायता पहुंचाई जाएगी और भविष्य के लिए तैयारियां और मजबूत की जाएंगी।

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