एप्पल न्यूज, शिमला
हिमाचल प्रदेश में मानसून के सक्रिय होते ही भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है और इसके चलते राज्य के कई हिस्सों में स्थिति गंभीर बनती जा रही है।
मौसम विभाग ने वीरवार के लिए प्रदेश के पांच जिलों – चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) की चेतावनी जारी की है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने यह एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और पूरी सतर्कता बरतें।
अनुमान है कि अगले 24 घंटे के दौरान इन क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश हो सकती है, जिससे छोटे-बड़े जलस्रोतों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

सैंज घाटी में बादल फटा, पावर प्रोजेक्ट बंद
बुधवार को कुल्लू जिले की सैंज घाटी में बादल फटने की घटना सामने आई है। इससे जीवा नाला उफान पर आ गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। स्थिति को देखते हुए पावर कॉर्पोरेशन ने अपने सैंज हाइड्रो प्रोजेक्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
लाहौल-स्पीति में बाढ़, पुल और पाइपलाइनें बहीं
लाहौल के उदयपुर उपमंडल में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। चंद्रभागा नदी में जल स्तर बढ़ने से जसरथ झूला बह गया और पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके साथ ही चौखंग-नैनगार सड़क मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है।
सिरमौर में भूस्खलन, घर को खतरा
सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र के क्यारी गांव में मूसलाधार बारिश से एक घर का आंगन ढह गया है, जिससे भवन को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया है और लोगों से सतर्क रहने को कहा है।
मणिकर्ण घाटी में जल स्तर बढ़ा
मणिकर्ण घाटी की पार्वती नदी में एनएचपीसी डैम से छोड़े गए पानी के कारण जलस्तर अचानक बढ़ गया है। इससे बलाधी गांव को जोड़ने वाला छोटा पुल बह गया है और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
जनता से अपील
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और अनावश्यक यात्रा न करें। नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें।







