एप्पल न्यूज़, निरमंड
निरमणड लोक निर्माण विभाग की सुस्त एवं निष्क्रियता के कारण टिकरी कैंची से अरसू का 3 किलोमीटर सड़क खस्ता हाल अवस्था में है। हालांकि अरसू 12 पंचायतों का मुख्य केंद्र बिंदु है ।जहां से चारों तरफ के लिए सड़क मार्ग बने हुए हैं।
सभी लगभग पक्की सड़कें हैं ,लेकिन विभाग की गलती की वजह से डीपीआर अरसु से शिल( बांनण) तृतीय चरण प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत बनाई गई तथा उक्त 3 किलोमीटर की सड़क को इस डीपीआर में विभागीय गलती के कारण छोड़ दिया गया। जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष एवं आक्रोश है।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के 17 एवं 18 जून 2025 के बागा सराहन के अनुरूप उक्त तीनों किलोमीटर सड़क को आनन फानंन में जेसीबी से जगह-जगह खोदा गया है बाकी लोगों के मुंह बंद हो सके तथा विभाग की पोल मुख्यमंत्री के समक्ष न खुले। स्थानीय छोटे भैया नेता भी दबी जुबान में अंदर ही अंदर सरकार को कोस रहे हैं।

बारिश की वजह से सारा पानी नाले के रूप में इस 3 किलोमीटर सड़क में बह रहा है क्योंकि सारे कलवट बंद पड़े हैं तथा न ही इस सड़क में अभी तक लगभग 70 साल पुरानी में नालियां नहीं बनी है। जिसके कारण सारा बाजार का पानी सड़कों में चलता रहता है।
जिससे लोगों के खेतों, घरों में यह पानी अक्सर नुकसान करता रहता है। विभाग के अधिकारी के आंखें मूंद कर बैठे हैं ।मंत्रियों आदि के डर से सड़क में मिट्टी आदि बिछाकर गडडे भर दिए जाते हैं। शेष जनता विभाग के इस निरंकुश रवैया से आक्रोश में है।
लोगों का यह भी मत है कि मंत्रियों तथा मुख्यमंत्री का जितने भी दौरे ग्रामीण क्षेत्रों में होते हैं वे सभी सड़क मार्ग द्वारा ही होने चाहिए ताकि इस प्रकार की घटनाएं की पुनरावृत्ति ना हो सके फिलहाल अभी बारिश की वजह से इस सड़क मार्ग को पक्का नहीं किया जा सका है तथा आने वाली बरसात के कारण अगर पक्का भी होता है कुछ समय के बाद ही नालियों एवं कलवट न होने की वजह से सरकारी पैसा बर्बाद हो जाएगा।

लोगों का कहना है कि खासकर इस 3 कि मी के सड़क मार्ग को सही ढंग से पक्का किया जाए अन्यथा लीपा पोती करने का कोई फायदा नहीं है। मुख्यमंत्री के दौरे के पश्चात पूरी मशीनरी वापस ले गई तथा लोग मन ही मन सरकार को कोसते सुनें गये।
मुख्यमंत्री से लोगों कि यह मांग है कि यहां के बच्चे शिमला व चंडीगढ़ में काफी संख्या में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तथा सीधी बस सेवा शिमला व चंडीगढ़ के लिए चलाई चलाई जाए ताकि यहां की जनता को भी इसका फायदा हो सके अन्यथा रामपुर से बसे हैं ।
अभिभावक लोग अक्सर चिंता ग्रस्त रहते हैं तथा कई बार सीधी बस सेवा न होने के कारण काफी आर्थिक हानि भी उठानी पड़ती है क्योंकि बच्चों को छोड़ने के लिए टैक्सी एवं अन्य गाड़ी का प्रबंध करने के पश्चात ही मजबूरी में करना पड़ता है।






