एप्पल न्यूज़, शिमला
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) की राज्य कमेटी प्रदेश में भारी वर्षा से जान माल को हुए भारी नुकसान पर गंभीर चिंता व्यक्त करती है तथा जिन लोगों ने इस आपदा में जान गंवाई है उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हैं। जो लोग आपदा से प्रभावित हैं पार्टी आज इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ी है।
इस आपदा से लगभग पूरा प्रदेश प्रभावित हुआ है तथा सरकार के अनुसार अभी तक इसमें 69 लोगों ने अपनी जान गंवाई व 37 लोग अभी भी लापता हैं। इससे सरकार द्वारा किए अभी तक के प्राथमिक आंकलन के अनुसार करीब 700 करोड़ रुपए के नुकसान हुआ है।

अधिकांश क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, परिवहन व बिजली जैसी मूलभूत सेवाएं बाधित है। वैसे तो पूरे ही प्रदेश में इस भारी वर्षा और बाढ़ से नुकसान हुआ है। परन्तु मण्डी, कुल्लू, कांगड़ा, शिमला, सिरमौर व चंबा जिला में जान माल का भारी नुकसान हुआ है।
अभी भी प्रदेश भर में सैकड़ों सड़के, पेयजल योजनाएं, बिजली के ट्रांसफार्मर, मोबाईल सेवा पूरी तरह से बन्द है जिससे लोगों को भारी असुविधा हो रही है।
आज भी प्रदेश के काफी क्षेत्र ऐसे है जहां पर राहत कार्य सुचारू रूप से नहीं हो रहा है। कई गांव में राशन की आपूर्ति भी बाधित हो गई है।
सड़कों के टूटने से लोग आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं से भी वंचित हो गए हैं। जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
कई क्षेत्रों में सब्जी व फलों का सीज़न चल रहा है जिससे किसानों व बागवानों को अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाने में भारी परेशानी हो रही है और ऐसी स्थिति में उनकी फसल सड़ने की कगार पर पहुंच गई है।
राज्य सचिव भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) संजय चौहान ने कहा कि सीपीआईएम की राज्य कमेटी मांग करती हैं कि:
- केंद्र सरकार इस आपदा से निपटने के लिए राज्य को फौरी राहत के रूप में कम से कम 2000 करोड़ रुपए की राशि व अन्य संसाधन तुरन्त उपलब्ध करवाए।
- केंद्र सरकार इस प्रकार की जलवायु परिवर्तन से पैदा हो रही आपदाओं से भविष्य में निपटने व रोक के लिए वैज्ञानिक शोध करवा कर एक ठोस नीति का निर्धारण कर उसे जमीनी स्तर पर लागू करे ताकि भविष्य में प्रदेश में इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
- राज्य सरकार इस आपदा से निपटने के लिए तुरन्त सर्वदलीय बैठक की पहल करे।
- इसके साथ राज्य सरकार द्वारा युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाया जाए। सभी विभाग के आपसी तालमेल के लिए मुख्यसचिव की अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया जाए।
- जिन लोगों के परिवार के सदस्यों की मृत्यु हुई है उन्हें पर्याप्त राहत राशि तुरन्त प्रदान की जाए।
- जो लोग आज भी लापता है उनको खोजने के लिए सरकार जिला प्रशासन के साथ NDRF व SDRF को लगाया जाए।
- जिन लोगों के मकान चले गए हैं उनको रहने के लिए सरकार तुरन्त स्थानीय स्थानों पर ही रहने व खाने का तुरन्त प्रभाव से इंतजाम किया जाए। यदि इंतजाम नहीं किया जा सकता है तो सरकार उनके लिए स्थानीय स्तर पर किराए का मकान लेकर प्रभावित परिवारों को दे तथा इसका पूरा किराया सरकार द्वारा दिया जाए।
- जिन लोगों के मकान, गौशाला, खेत, बगीचा या अन्य किसी भी प्रकार की संपति का नुकसान हुआ है उसका तुरन्त आंकलन कर उन्हें पर्याप्त राहत राशि मुआवजे के रूप में दी जाए।
- आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राशन, दवाओं व अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- सड़कों, पेयजल योजनाओं, विद्युत आपूर्ति व अन्य मूलभूत सेवाओं को सुचारू करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाए।
सीपीआईएम की राज्य कमेटी सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्य में पूर्ण सहयोग करेगी तथा सभी जिला व स्थानीय कमेटियों को पार्टी ने जिम्मेवारी दी है कि स्थानीय स्तर पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के साथ मिलकर राहत कार्य चलाए। आपदा प्रभावित परिवारों व लोगों को हर संभव राहत प्रदान करने के लिए पार्टी के साथी सदैव उनके साथ खड़े हैं। पार्टी प्रदेश की जनता से भी अपील करती है कि इस आपदा व संकट की घड़ी में हम सब मिलकर सहयोग करे। आपदा प्रभावित क्षेत्र में कही भी किसी को भी किसी भी प्रकार की विपत्ति या आवश्यकता हो वह अपने क्षेत्र में पार्टी की कमेटी के साथी को संपर्क करे। पार्टी हर संभव सहायता प्रयास करेगी।







