अगर “95 साल से है वन भूमि पर कब्जा” तो वन अधिकार अधिनियम -2006 के तहत मिलेगा “अधिकार”- जगत नेगी

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‘ राजस्व मंत्री की अध्यक्षता में वन अधिकार अधिनियम 2006 पर एक दिवसीय कार्यशाला’ ‘ कार्यशाला में मंत्री ने लोगों से सीधा-संवाद किया’
एप्पल न्यूज़, रामपुर बुशहर

राजकीय महाविद्यालय रामपुर के सभागार में रामपुर विकासखंड के 37 पंचायतों व वन अधिकार समितियो के प्रधान व सचिवो के लिए वन अधिकार अधिनियम 2006 की कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए राजस्व, बागवानी , जनजातीय विकास एवं जन शिकायत मंत्री जगत सिंह नेगी ने अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी अधिनियम 2006 व वन अधिकार कानून 2006 एफसीए के बारे में विस्तृत जानकारी दी ।
उन्होंने कहा कि परंपरागत वनवासी के सदस्य या समुदाय जो 13 सितंबर 2005 से पूर्व कम से कम तीन पीढ़ियों (75 साल ) से प्राथमिक रूप से वन भूमि पर निवास करते हैं , वन भूमि का उपयोग अपनी आजीविका की वास्तविक जरूरत के लिए करते है , वन या वन भूमि पर निर्भर है उन्हें व्यक्तिगत, सामुदायिक व सामुदायिक वन संसाधनों की सुरक्षा एवं प्रबंधन का अधिकार है।

उन्होंने बताया कि वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए इस कानून के तहत विभिन्न स्तरो जैसे गांव, उप मंडल, जिला व राज्य स्तर पर समितियों का गठन करने का प्रावधान है और हर समिति को भूमिका व जिम्मेदारी दी गई है , वन अधिकार अधिनियम के कानून में विस्तार से बताया गया है।

राजस्व मंत्री ने वन अधिकार कार्यशाला में बताया कि वन अधिकार कानून लोगों की वन भूमि पर आधिकारिक आजीविका को सुरक्षा देने के साथ-साथ ग्राम सभा को सामुदायिक व वन संसाधनों की सुरक्षा संरक्षण एवं प्रबंधन का अधिकार एवम जिम्मेदारी भी देता है।

किसी भी परियोजना में वन भूमि के हस्तांतरण से पहले वन अधिकार कानून के तहत अधिकारों को निहित करने व मान्यता देने की प्रक्रिया पूरी होना चाहिए ।

उन्होंने बताया कि वन अधिकार समिति का गठन करने के लिए ग्राम सभा में 50 प्रतिशत वयस्क लोगों का कोरम होना अनिवार्य है और समिति में कम से कम दस सदस्य होना चाहिए तथा एक तिहाई महिलाए होना जरूरी है।


नेगी ने बताया कि वन अधिकार मान्यता पत्र केवल उन्हें मिलेगा जिस पर दावेदार का पहला कब्जा 13 दिसंबर 2005 से पहले हो और इस कानून में दिए गए बाकि प्रावधान के अनुसार पात्र हो । इस मौके पर मंत्री ने लोगों से सीधा संवाद भी किया ओर उनके शंका को दूर किया
अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश राज्य वित्त आयोग एवं स्थानीय विधायक नन्द लाल ने भी कार्यशाला में आए ग्राम पंचायत व वनाधिकार समिति के प्रधानों व सचिवों को वनाधिकार अधिनियम 2006 के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई व इस अधिनियम में दिये गये प्रावधानों के तहत लोगों के आवेदन प्राप्त कर उसे समय पर निपटाने को कहा ताकि पात्र लोगों को वन भूमि पर अपना मालिकाना हक मिल सके । ।

 उप मंडल अधिकारी नागरिक रामपुर हर्ष अमरेन्द्र सिंह,डीएसपी रामपुर नरेश शर्मा, खंड विकास अधिकारी राजेंद्र नेगी , तहसीलदार परीक्षित कुमार, प्रदेश इंटक उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी, वन मंडलाधिकारी गुरहर्ष, पार्टी पदाधिकारी प्रताप नेगी, राजेश गुप्ता, डी डी कश्यप व रामपुर विकास खण्ड के  पंचायतों व वनाधिकार समिति के प्रधान, सचिव तथा सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी  इस अवसर पर उपस्थित रहें ।                                                                                                                                                                                                                                                               इसके उपरान्त राजस्व मंत्री ने  स्वर्गीय मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के पुण्य तिथि पर  उनके फोटो पर फूल चढ़ा कर नमन किया।

नेगी ने जनजातीय बॉयज होस्टल का भी निरीक्षण किया और मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। श्री नेगी ने इस अवसर पर लोगों की समस्याएं भी सुनी।

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