एप्पल न्यूज, शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि 14 मई 2025 के बाद होने वाली सभी सरकारी भर्तियां नई ‘जॉब ट्रेनी स्कीम’ के तहत की जाएंगी।
यह स्कीम 19 जुलाई को आधिकारिक रूप से नोटिफाई की गई है और ग्रुप-A, B और C की सभी भर्तियों पर लागू होगी।
कार्मिक विभाग ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, जिलाधीशों, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशकों, राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
क्या है नई व्यवस्था?
राज्य सरकार ने 20 फरवरी 2025 को “हिमाचल प्रदेश रिक्रूटमेंट एंड कंडीशन ऑफ सर्विस ऑफ गवर्नमेंट एम्पलॉइज एक्ट” लागू किया था, जिसके तहत कांट्रैक्ट पॉलिसी समाप्त कर दी गई थी।

उस समय तक जो पद अनुबंध के तहत भरे जाने थे, उन्हें अस्थायी रूप से ट्रेनी स्कीम के तहत लाया गया।
लेकिन अब 19 जुलाई को नवीन ‘जॉब ट्रेनी स्कीम’ को अधिसूचित कर दिया गया है, जिससे स्थिति स्पष्ट हो गई है।
14 मई बना निर्णायक दिन
14 मई 2025 तक भेजी गई रिक्विजिशन (भर्ती प्रस्ताव) पुरानी ट्रेनी नीति के अंतर्गत मानी जाएगी।
14 मई के बाद यदि किसी विभाग ने रिक्विजिशन भेजी है, तो उसे नई स्कीम के अनुसार संशोधित करना होगा।
अनदेखी पर कार्रवाई तय
कार्मिक विभाग ने कहा है कि यदि कोई विभाग 14 मई के बाद भी पुरानी नीति के अनुसार भर्ती प्रक्रिया चलाता है, तो नियुक्ति प्राधिकरण (Appointing Authority) को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भर्ती एजेंसियों को भी निर्देश
इस संदर्भ में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (HPPSC) और राज्य कर्मचारी चयन आयोग (HPSSC) को भी निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अब से केवल जॉब ट्रेनी स्कीम के अनुरूप ही भर्तियां करें।
ट्रेनी स्कीम के प्रमुख बिंदु:
दो वर्ष की अवधि तक चयनित कर्मचारी ट्रेनी रहेंगे।
इस अवधि में तय वेतन मिलेगा।
निर्धारित मूल्यांकन के बाद स्थायी नियुक्ति की जाएगी।
प्रदेश सरकार का यह कदम सरकारी नियुक्तियों में एकरूपता, पारदर्शिता और नियंत्रण लाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। नई स्कीम के लागू होने से युवाओं को स्पष्ट सेवा शर्तों में प्रवेश मिलेगा, और विभागों को भी एक समान नियमों का पालन करना होगा।







