एप्पल न्यूज, शिमला
हिमाचल प्रदेश में लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि भूस्खलन से सड़क मार्ग ठप हो गए हैं। कांगड़ा, ऊना और चंबा जिलों में तबाही के हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज और कल (25-26 अगस्त) के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। 25 अगस्त को चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए रेड अलर्ट, बिलासपुर और कुल्लू के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा शिमला के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

वहीं 26 अगस्त को चंबा और कांगड़ा के लिए रेड अलर्ट, मंडी के लिए ऑरेंज अलर्ट और बिलासपुर व हमीरपुर सहित अन्य जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, मानसून अभी प्रदेश में सक्रिय है और 25 से 31 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 3 राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) सहित 625 सड़कें यातायात के लिए बंद पड़ी हैं।
इसके अलावा 1533 ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं और 168 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। ऐसे में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजली व पानी की किल्लत खड़ी हो गई है।
भारी बारिश और भूस्खलन के चलते आठ जिलों में शिक्षण संस्थानों को आज बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 20 जून से 24 अगस्त तक के मॉनसून सीजन में अब तक 303 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 360 लोग घायल हुए हैं।
इस अवधि में 1212 घर पूरी तरह ढह गए और करीब 37 हजार से अधिक घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित जिलेकांगड़ा, ऊना, चंबा, मंडी हैं।
लगातार बारिश से नदियों व खड्डों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है और भूस्खलन की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और नदियों-नालों के किनारे जाने से बचने की अपील की है।






