IMG_20260124_200231
previous arrow
next arrow

CM ने हिमाचल में 150 स्वचालित मौसम केन्द्र और किन्नौर में एक डॉप्लर वेदर रडार स्थापित करने का किया आग्रह

IMG_20251207_105330
previous arrow
next arrow

नई दिल्ली में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री से की भेंट
 
एप्पल न्यूज, शिमला/दिल्ली

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गत सायं नई दिल्ली में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से भेंट की। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के संबंध में त्वरित चेतावनी उपलब्ध करवाने के लिए डॉप्लर वेदर रडार और समुचित संख्या में स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थिति, वैश्विक ऊष्मीकरण एवं मौसम में परिवर्तन के कारण प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इस कारण राज्य में व्यापक स्तर पर नुकसान हो रहा है। उन्होंने किन्नौर जिला में एक डॉप्लर वेदर रडार और प्रदेश में 150 स्वचालित मौसम केंद्र स्थापित करने का आग्रह किया ताकि इनके माध्यम से पूरे राज्य में अग्रिम चेतावनी प्रणाली का लाभ मिल सके। उन्होंने आग्रह किया कि यह प्रणालियां अगले मानसून सीजन से पूर्व स्थापित की जाएं।


मुख्यमंत्री ने लाहौल-स्पीति जिला के लिए एक डॉप्लर वेदर रडार स्वीकृत करने के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्रीय राज्य मंत्री से आग्रह किया था।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के मौसम डेटा को केंद्र द्वारा अधिसूचित अग्रिम चेतावनी एजेंसियों के डेटा के साथ एकीकृत किया जाना आवश्यक है। इससे एकीकृत जानकारी एवं समयबद्ध अग्रिम चेतावनी प्राप्त होने में सुगमता होगी।

उन्होंने कांगड़ा-हमीरपुर जोन में सीस्मिक प्रयोगशाला एवं डेटा विश्लेषण केंद्र स्थापित करने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का अधिकांश क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है और उच्च क्षमता युक्त केंद्र की स्थापना प्रदेश सहित अन्य पर्वतीय राज्यों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने हमीरपुर जिला में मौसम डेटा केंद्र, प्रदेश के उंचाई वाले क्षेत्रों में दो अतिरिक्त वायु निगरानी प्रणालियां और शेडो जोन में कॉम्पैक्ट वेदर रडार स्थापित करने का भी आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि हिमाचल में प्राकृतिक आपदाओं में अप्रत्याशित वृद्धि के दृष्टिगत अत्याधुनिक चेतावनी एवं डेटा अनुश्रवण और विश्लेषण प्रणाली की स्थापना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री से प्रदेश में अंतरिक्ष विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्पेस ऑन व्हील्स कार्यक्रम, कृत्रिम मेधा एवं संबंद्ध तकनीक की अद्यतन जानकारी के लिए रिफ्रेशर कोर्स, पर्यावरण संरक्षण एवं समग्र विकास के दृष्टिगत पौध आधारित पैकेजिंग प्रणाली तैयार करने के लिए अनुसंधान तथा विकास केंद्र और प्रदेश में पर्वतीय जैविक संसाधनों के समग्र उपयोग के लिए जैव उत्पादन हब (बायो मैन्यूफेक्चरिंग हब) की स्थापना के लिए प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृत करने का आग्रह भी किया।
प्रदेश में प्राकृतिक कृषि एवं लैवेंडर सहित लेमन ग्रास और पुष्प खेती के विषय में भी बैठक में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अवगत करवाया कि हिमाचल प्राकृतिक कृषि उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करने वाला देश का पहला राज्य है। प्रदेश सरकार की इस पहल से कृषक व्यापक स्तर पर लाभान्वित हो रहे हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने हिमाचल सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य की विभिन्न मांगों पर शीघ्र उचित निर्णय लिया जायेगा।
भोरंज के विधायक सुरेश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, प्रधान आवासीय आयुक्त अजय कुमार यादव तथा केंद्रीय राज्य मंत्री के विशेष कार्यकारी अधिकारी राजीव कुमार इस अवसर पर उपस्थित थे।

Share from A4appleNews:

Next Post

आधी रात कुत्ते का शिकार करने कमरे में घुसा तेंदुआ, लड़ाई में दरवाजा हुआ बंद 11 घंटे तक साथ रहे कैद

Wed Oct 29 , 2025
एप्पल न्यूज, ठियोग शिमला जिले की जैस पंचायत के बलन गांव में आधी रात को एक खौफनाक घटना सामने आई है। ग्रामीण भूपराम शर्मा के घर में देर रात करीब 2 बजे एक तेंदुआ कमरे के अंदर घुस गया। बताया जा रहा है कि तेंदुए ने घर के अंदर मौजूद […]

You May Like

Breaking News