एप्पल न्यूज़, शिमला/चंबा
हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में आंशिक बदलाव देखने को मिला है। राज्य की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात दर्ज किया गया, जबकि प्रदेश के किसी भी हिस्से में अब तक बारिश की एक भी बूंद नहीं गिरी है।
शिमला, मनाली, कुफरी सहित प्रमुख हिल स्टेशनों में शनिवार को दिनभर बादल छाए रहे, जिससे तापमान में गिरावट महसूस की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार चंबा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों के अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुक कर बर्फबारी हुई है। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड और बढ़ गई है।

वहीं मैदानी क्षेत्रों में भी बादल छाए रहने से मौसम में ठंडक बनी रही, लेकिन बारिश न होने से किसानों और बागबानों को कोई राहत नहीं मिल पाई।
मौसम विभाग ने 14 दिसंबर को भी चंबा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में हिमपात की संभावना जताई है, जबकि अन्य जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। 15 से 19 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है।
इस महीने बारिश न होने का असर फसलों पर साफ दिखने लगा है। मैदानी इलाकों में गेहूं की बुआई प्रभावित हो रही है और मिट्टी में नमी की कमी से किसान चिंतित हैं।
उधर, ठंड का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। लाहौल-स्पीति के ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कुकुमसेरी में माइनस 3.5 और समधो में माइनस 2.4 डिग्री रहा।
शिमला में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक होने के बावजूद ठंड का एहसास बना हुआ है। कई मैदानी इलाके शिमला से भी अधिक ठंडे रिकॉर्ड किए गए हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मौसम साफ रहने से आने वाले दिनों में रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है।







