एप्पल न्यूज़, शिमला
शिमला : पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव से ठीक पहले राज्य सरकार चिट्टा व हेरोइन के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों को पंचायत चुनाव लडऩे से वंचित करने जा रही है।
इस उद्देश्य से सरकार की ओर से पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह की अनुपस्थिति में नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज संशोधन विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत किया।
विधेयक में ग्राम सभाओं के कोरम को पूरा करने के लिए अब पंचायत के 30 सदस्यों का उपस्थित होना ही अनिवार्य माना जाएगा। इससे ग्राम पंचायतों में कोरम पूरा न होने के कारण लटकने वाले विकास कार्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश लिफ्ट संशोधन विधेयक पेश
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सदन में हिमाचल प्रदेश लिफ्ट संशोधन विधेयक को पेश किया। इसका उद्देश्य राज्य में लिफ्ट के साथ-साथ एस्कलेटर्स व ट्रैवलेटर्स का प्रचलन बढऩा है।
ऐसे में यात्रियों को पूरी सुरक्षा मिल सके, इसके लिए लिफ्ट एस्कलेटर्स व ट्रैवलेटर्स के लिए मंजूरी लेनी होगी। इसमें संचालन से संबंधित लाइसैंस के नवीनीकरण और सुरक्षा मानकों की जांच के प्रावधानों को पूरा करना होगा।
इन प्रावधानों में भार उठाने की क्षमता, गति और संरचनात्मक सुरक्षा मानकों संबंधी तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखना होगा।
नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नामित निरीक्षकों को परिसर में प्रवेश, जांच करने और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संचालन बंद करने या मरम्मत के आदेश देने का अधिकार दिया जाएगा।
प्रस्तावित कानून के तहत वार्षिक निरीक्षण भी अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा लिफ्ट संचालक को थर्ड पार्टी बीमा करवाना अनिवार्य होगा।
विधेयक में सख्त दंड का प्रावधान है, जिसमें बिना वैध लाइसैंस के संचालन पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में लगातार दंड और लाइसैंस रद्द करने का प्रावधान भी रखा गया है।
इसी तरह सुरक्षा में लापरवाही के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की स्थिति में ऑप्रेटर और कंपनियों की जिम्मेदारी तय करने के साथ यात्रियों का बीमा कवरेज अनिवार्य किया गया है।
इन उपकरणों को 20 वर्ष तक उपयोग करना तथा इसके बाद नए सिरे से लाइसैंस लेना होगा।





