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बागीपुल–जाओं–ठारला सड़क बदहाल, मंडियों तक सेब पहुंचाना हुआ मुश्किल, 9 दिनों से चायल-जवागी क्षेत्र में बिजली गुल, दूध उत्पादकों को भी नुकसान

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एप्पल न्यूज़, निरमंड/रामपुर बुशहर
बागीपुल–जाओं–ठारला सड़क की हालत दिनोंदिन बदतर होती जा रही है। सेब सीजन चरम पर होने के बावजूद सड़क की स्थिति सुधारने और यातायात को सुचारु करने के लिए सरकार एवं प्रशासन की ओर से ठोस कदम न उठाए जाने से क्षेत्र के बागवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सड़क टूटने और जगह-जगह यातायात बाधित होने के कारण बागवानों को अपने सेब मंडियों तक पहुंचाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा मंडल निरमंड ने सड़क की बदहाली को लेकर सरकार और लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। मंडल ने सड़क की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
भाजपा मंडल का कहना है कि सेब सीजन क्षेत्र के हजारों परिवारों की आजीविका का प्रमुख आधार है। ऐसे समय में सड़क व्यवस्था चरमराने से बागवानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बागवान किसी तरह अपनी फसल सड़क तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन खराब सड़क के कारण सेब समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इससे फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ बागवानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।


भाजपा मंडल ने कहा कि क्षेत्र की समस्या केवल सड़क तक सीमित नहीं है। चायल और जवागी पंचायत क्षेत्र में पिछले करीब आठ दिनों से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी है। लंबे समय से बिजली न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंडल ने इसे सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल बताया है।
भाजपा मंडल निरमंड ने कहा कि एक ओर सेब सीजन चरम पर है, वहीं दूसरी ओर सड़क बंद है, बिजली आपूर्ति ठप है और दूध उत्पादक अपना दूध तक दुग्ध केंद्र नहीं पहुंचा पा रहे हैं। इससे क्षेत्र की जनता के सामने गंभीर आर्थिक और व्यावहारिक संकट पैदा हो गया है।
भाजपा मंडल ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो जनता के हित में सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाएगी।
मंडल ने कहा कि सेब सीजन के महत्वपूर्ण समय में सड़क बंद रहने, कई दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने और दूध उत्पादकों का दूध दुग्ध केंद्र तक न पहुंच पाने से जनता को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए।

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