IMG-20220807-WA0013
IMG-20220807-WA0014
ADVT.
IMG-20220814-WA0007
IMG_20220815_082130
previous arrow
next arrow

सुलह में अनोखी पहल, हाथ मिलाकर ही किया मंत्री का स्वागत, स्वागत में खर्च होने वाली राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में भेंट

1
IMG_20220803_180317
IMG_20220803_180211
SJVN-final-Adv.15.08.22
previous arrow
next arrow

एप्पल न्यूज़, पालमपुर

सुलह हलके में एक नई और अनोखी पहल की गई है। सरकारी कार्यक्रम में अब स्वागत में पुष्पगुच्छ, फूलमालाएं पहनाने, सम्मान में शाल-टोपी और स्मृति-चिन्ह तथा बादाम, काजू इत्यादि नहीं होगा।

\"\"

     स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री, विपिन सिंह परमार के सुझाव पर ऐसा करने का निर्णय लिया गया। अब पुरानी स्वागत, सम्मान तथा आवोभगत की परंपरा से हटकर साधारण रूप से स्वागत किया जा रहा है। ताजा उदाहरण सुलह विधान सभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भदरोल में देखने को मिला। एक कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में पधारे स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री का स्वागत हाथ मिलाकर और नमस्ते के माध्यम से किया।

     भदरोल वासियों ने स्वागत, सम्मान इत्यादि पर खर्च होने वाली सारी राशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में भेंट किया। भदरोल वासियों ने 11 हजार रुपये की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में दे दी। ऐसा ही एक ओर उदाहरण सुलह हलके के बैरघट्टा-कंढेरा पुल के शिलान्यास कार्यक्रम में भी देखने को मिला, जिसमें साधारण तरीके से मुख्यातिथि स्वास्थ्य मंत्री का स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में भी स्वागत इत्यादि पर खर्च होने वाली राशि 5100 रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में भेंट की गई।

     सम्मान इत्यादि पर खर्च होने वाली राशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में भेंट करने से पूरे प्रदेश में इसकी सराहना की जा रही है। लोगों का भी इस पहल में भरपूर सहयोग मिल रहा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि उन्होंने लोगों से निवेदन किया था कि कार्यक्रमों में फूलमालाएं पहनाने, सम्मान में शाल-टोपी और स्मृति-चिन्ह का प्रयोग नहीं किया जाये।

     उन्होंने कहा कि लोगों ने उनके निवेदन को स्वीकार किया और सुलह हलके में यह नईं परमपरा आरंभ हुई। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सैंकड़ों जरूरतमंद लोग मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों से मिलते हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता उपलब्ध करवाने के प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्तां इन कार्यक्रमों में हजारों रुपये फूलमालाओं, शाल-टोपी और स्मृति-चिन्ह इत्यादि पर खर्च करते हैं। उन्होंने कहा कि इस फिजूल खर्च को बंद कर, मानवता की सेवा के लिए बने मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का फैसला लिया गया है।  

Share from A4appleNews:

Next Post

सिरमौर जनमंच कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की बड़ी लापरवाही, लोगों को परोसा गया बदबूदार खाना

Thu Feb 13 , 2020
एप्पल न्यूज़, सिरमौर (डॉ प्रखर गुप्ता) सिरमौर के शिलाई क्षेत्र के टिंबी में शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की अध्यक्षता में जनमंच कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां पर लोगों को बदबूदार खाना परोसा गया। सूत्रों के अनुसार, लोगो ने बताया कि उन्हें एक दिन पुराना बना हुआ खाना खिलाया गया, […]

You May Like

Breaking News