लवी मेला- 11 से 14 नवम्बर तक रामपुर बुशहर में सादगी से होगा, केवल हिमाचली उत्पाद बेचने को लगेंगे निशुल्क स्टॉल

शर्मा जी, एप्पल न्यूज़, रामपुर बुशहर

अंतरराष्ट्रीय लवी मेला कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए इस वर्ष सादगी से मनाया जाएगा। 11 से 14 नवम्बर तक रामपुर बुशहर में होने वाले इस मेले का न तो उदघाटन किया जाएगा और न ही समापन। लवी मेला मैदान कालेज ग्राउंड में बुशहरी, किन्नौरी आउट कुल्लुवी मार्किट लगेगी और केवल और केवल स्थानीय व हिमाचली उत्पाद बेचने की ही अनुमति दी जाएगी। कोई भी बाहर से खरीदकर यहाँ व्यापार नहीं लड़ सकेगा। इन व्यापारियों के लिए प्रशासन द्वारा निशुल्क स्टॉल उपलब्ध करवाए जाएंगे।

एसडीएम रामपुर बुशहर सुरेन्द्र मोहन की अध्यक्षता में प्रशासन और सम्बंधित गणमान्य लोगों के साथ हुई बैठक में शनिवार को ये फैसला किया गया। लवी मेला पिछले करीब 400 वर्षों से एक व्यापारिक मेले के रूप में रामपुर बुशहर में लगाया जा रहा रहा। जहां बुशहर रियासत और तिब्बत के राजाओं के मध्य हुई सन्धि के बाद तिब्बत, किन्नौर, लाहौल स्पीति, शिमला, कुल्लु व मंडी सहित प्रदेह भर ही नहीं बल्कि बाहरी राज्यों से भी लोग अपने उत्पाद लेकर यहां व्यवसाय करते हैं। खासकर ऊन, ऊन से बने वस्त्र, पशम, ड्राई फ्रूट, गर्म वस्त्र, लोहे व धातु के औजार और अन्य सामान की खूब खरीददारी होती है।

समय के साथ मेले का स्वरूप बदला और अब यहां आधुनिक सामान, मनोरंजन के साधन व सांस्कृतिक संध्याएं भी आयोजित होने लगी। अब इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते इस तरह का आयोजन खतरे से खाली नहीं। ऐसे में प्रशासन ने इस मेले को सूक्ष्म रूप से केवल स्थानीय उत्पादों के कारोबार की अनुमति प्रदान की गई है।

एसडीएम सुरेन्द्र मोहन ने कहा कि ये मेला सिर्फ 11 से 14 नवम्बर तक ही होगा जिसके बाद किसी को भी व्यवसाय की अनुमति नहीं होगी। कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। केवल परम्परा का ही निर्वहन होगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे कम से कम केवल जरूरत का सामान खरीदने ही यहां आएं अन्यथा कोरोना का कहर लगातार जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

अनुसंधान को खेतों तक पहुंचाने की पहल करें वैज्ञानिक ताकि बागवान व कृषक हों लाभान्वित- बैरवा

Sat Nov 7 , 2020
एप्पल न्यूज, किन्नौर उपायुक्त किन्नौर हेमराज बैरवा ने वैज्ञानिकों का आवाहन किया है कि वे अनुसंधान को खेतों तक पहुंचाने की पहल करें ताकि उनके अनुसंधान से बागवान व कृषक लाभान्वित हो सकें। वे शनिवार को डाॅ. वाई.एस परमार क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र शारबो के दौरे के दौरान […]

Breaking News