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शिक्षा के मुद्दे पर जयराम सरकार और उनके कैबिनेट मंत्री एक्सपोज, CM के क्षेत्रों के स्कूलों का इतना बुरा हाल है तो पूरे हिमाचल के स्कूल कैसे होंगे- सुरजीत ठाकुर

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आप अध्यक्ष ने फोटो,वीडियो और आंकड़ों के साथ,जयराम सरकार को शिक्षा की बदहाली पर किया एक्सपोज

आम आदमी पार्टी का संकल्प है शिक्षा को चुनावी मुद्दा बने- सुरजीत सिंह ठाकुर

एप्पल न्यूज़, शिमला

आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सुरजीत सिंह ठाकुर ने शिमला में एक पत्रकार वार्ता करते हुए, शिक्षा के मद्दे पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सरकार को पूरी तरह एक्सपोज किया।

शिमला के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सुरजीत ठाकुर ने पीपीटी के माध्यम से फोटो और वीडिया दिखा कर पत्रकारों को सीएम जयराम और उनके कैबिनेट मंत्रियों के क्षेत्रों के बदहाल और जर्जर स्कूलों के हालातों से रूबरू करवाया।

इस दौरान सुरजीत ठाकुर ने बताया कि, जब मुख्यमंत्री सहित पूरी कैबिनेट मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों के स्कूलों का इतना बुरा हाल है तो पूरे हिमाचल के स्कूल कैसे होंगे? खुद मुख्यमंत्री के गृह जिले सिराज के स्कूलों की हालत इतनी खराब है,देख सकते हैं टूटी-फूटी इमारत। बच्चों के लिए कोई साफ सफाई नहीं।

जर्जर हालत में स्कूल भवन, तो कहीं बच्चों के पानी पीने की व्यवस्था नहीं, तो कहीं स्वच्छ शौचालय नहीं,तो कहीं स्कूलों में साफ सफाई नहीं, तो कहीं बच्चों के बैठने के लिए कक्षा तक मौजूद नहीं है।

उन्होंने बताया, जब कैबिनेट मंत्री और खुद मुख्यमंत्री अपने क्षेत्रों के स्कूलों का हाल नहीं सुधार पाए तो पूरे हिमाचल के स्कूलों की हालत कैसे सुधारेंगे?

जयराम सरकार ने 4.5 सालों के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में क्या काम किया है ये आज जनता के सामने है और आज वो पूरी तरह से जनता के सामने एक्सपोज हो चुके हैं।

सुरजीत ठाकुर ने हिमाचल की शिक्षा की खस्ताहालत होने का प्रमाण आंकड़ों के साथ दिया। ठाकुर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 14 लाख बच्चे हैं जिनमें से 8.5 लाख सरकारी स्कूलों में तो 5.5 लाख प्राइवेट स्कूलों में पढ़ते हैं। लेकिन यहां की सरकार प्रदेश के 8.5 लाख बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

प्रदेश के 2000 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जहां एक ही टीचर है। उन्होंने पत्रकारों से पूछते हुए कहा,अब आप ही बताओं ,पांच या आठ कक्षाओं को एक टीचर कैसे पढ़ाएगा। इसी तरह 722 स्कूल ऐसे हैं जहां पर एक ही रुम हैं। अब एक ही रुम में पांच क्लास के बच्चे बैठकर कैसे पढ़ेंगे।

इस तरह शिक्षा व्यवस्था खस्ताहाल होने के कारण कांग्रेस-भाजपा के नेता शिक्षा पर बात नहीं करते और जब आम आदमी पार्टी शिक्षा मुद्दे पर बात करती तो ये दोनों दल बौखला जाते हैं।

उन्होंने आंकड़े याद दिलाते हुए कहा,यहां हिमाचल में 55 स्कूल ऐसे भी थे जहां का एक भी बच्चा बोर्ड परीक्षा पास नहीं कर पाया। जिससे साबित होता है कि यहां पर बच्चों की पढ़ाई ही नहीं होती।

उन्होंने कहा,बच्चों के भविष्य के साथ इस तरह खिलवाड़ हिमाचल में हो रहा जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।सुरजीत ठाकुर ने कहा, कांग्रेस ने 30 साल तो भाजपा ने 20 साल राज किया और अपने कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी

दिल्ली मॉडल के तर्ज पर हिमाचल में भी सुधारेंगे शिक्षा व्यवस्था, शिक्षा को बनाएंगे चुनावी मुद्दा

सुरजीत ठाकुर ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था बदलने की ठानी और दिल्ली में बजट का 25 फीसदी शिक्षा पर खर्च किया जाता है। जिससे हर वर्ष शिक्षा पर करोड़ों से अधिक की राशि खर्च की जाती नतीजन आज दिल्ली के शिक्षा मॉडल को पूरा विश्व सराह रहा है।

आप अध्यक्ष ने बताया,पिछले 7 सालों में 80 हजार करोड़ से अधिक का बजट शिक्षा पर खर्च किया गया, दिल्ली के लगभग 1100 स्कूल नए बनाए गए। स्कूलों में बेहतर सुविधाएं प्रदान की गई। जिससे दिल्ली के 8 लाख से अधिक बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है।

सुरजीत ठाकुर ने कहा कि शिक्षा का दिल्ली मॉडल हिमाचल प्रदेश में लागू किया जाएगा। ठाकुर ने शिक्षा के दिल्ली माडल का परिणाम बताते हुए कहा कि दिल्ली में सरकारी स्कूलों के बोर्ड परीक्षा का परिणाम 99.7 फीसदी आया है।

वहीं हिमाचल के सरकारी स्कूलों का परिणाम 70 फीसदी भी नहीं आता है इसलिए आम आदमी पार्टी इस बार हिमाचल में शिक्षा को चुनावी मुद्दा बनाएगी और शिक्षा के मुद्दे पर चुनाव लडेगी।

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