आज नई “कोठी” में  विराजमान होंगी आनी क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी “माता पच्छला”, 29 को ‘शिखा पूजन’

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एप्पल न्यज, सीआर शर्मा आनी

आनी क्षेत्र की अधिष्ठात्री देवी माता पच्छला की नव निर्मित भव्य एव्ं  अलौकिक कोठी की प्राण प्रतिष्ठा शान्द् यज्ञ (पूज्) का धार्मिक आयोजन मंगलवार से शुरू हो गया है। जिसमें थबोलि गाँव से माता के पुरोहित सहित  माता के प्रमुख कारकून पूजा पाठ व हवन यज्ञ में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

माता की नई भव्य एव्ं अलौकिक कोठी के दीदार और माता का आशीर्वाद पाने के लिए देव स्थल देहुरी में प्रतिदिन भक्तों की कतारें लग रही हैं। इस धार्मिक आयोजन समिति और  मन्दिर कमेटी के सौजन्य से भक्तों के लिए प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था भी की गई है।

माता के पुरोहित सुरेश भारद्वाज ने बताया कि  महिषासुर मर्दिनी माता पच्छला दुर्गा की नई कोठी का निर्माण कई सौ साल बाद हुआ है। जिसके निर्माण में सरकारी सहायता के अलावा  माता के अधिकार क्षेत्र के भक्तों तथा अन्य लोगों ने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से भरपूर सहयोग किया है।

सभी लोगों के सहयोग से माता की नई कोठी भव्य एव्ं अलौकिक रूप में बनकर तैयार हुई है. जिसकी प्राण प्रतिष्ठा (पूज) का धार्मिक आयोजन मंगलवार से शुरू हो गया है।

पुरोहित सुरेश शर्मा ने बताया कि गुरुवार को पूरे मंत्रोऊचारण व विधि विधान के साथ माता पच्छला अपनी नई कोठी के गर्भ गृह में प्रविष्ठ होंगी। जबकि  कोठी की प्राण प्रतिष्ठा के लिए फेरी व शिख पूजन जैसे कार्यक्रम 29 फरबरी को आयोजित होंगे।

जिसमें अपनी सहभागिता निभाने के लिए 28  फरबरी को देवता जोगेश्वर् महादेव सहित विभिन्न क्षेत्रों के करीब एक दर्जन देवी देवता वाद्य यंत्रों की थाप पर अपने कारकुनों व  सेंकड़ों देवलुओं संग शिरकत करेंगे।

इन देवी देवताओं के अलौकिक  मिलन का  नजारा देखने को मन्दिर में 28 व 29 फरबरी को हजारों भक्तों का सैलाब उमड़ेगा। वहीं मन्दिर कमेटी के प्रधान धनी राम ठाकुर ने नई कोठी के निर्माण व इसके आय व्यय का ब्यौरा बताया।

उन्होंने कहा कि इस धार्मिक आयोजन को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है। क्योंकि अधिकतर लोग इस तरह के भव्य देव कार्य को अपने जीवन में पहली बार देख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आयोजन की पूर्णता व इसकी  सफलता के लिए कारकुनों. मन्दिर कमेटी व आयोजन समिति द्वारा  पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।

उन्होंने  क्षेत्र के सभी भक्तों से इस शान्द महायज्ञ में बढ़चढकर भाग लेने का आह्वान किया है। वहीं माता के पुरोहित ज्ञाना नंद ने भी इस धार्मिक आयोजन की रूप रेखा पर प्रकाश डाला। 

इस मौके पर कारदार् लीला चन्द. जय राम सिंघा. नरोतम ठाकुर. रवि कांत.  पुरोहित ज्ञाना नन्द. कांसू राम. सुरेश भारद्वाज. पूर्ण शर्मा. गुड्डू शर्मा. तथा पिकु शर्मा सहित अन्य कई करकून उपस्थित रहे।

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