वरिष्ठ कथाकार एस आर हरनोट \”आनन्द सागर स्मृति कथाक्रम सम्मान\” के लिए चयनित

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एप्पल न्यूज़, शिमला

वर्ष 2019 का आनन्द सागर स्मृति कथाक्रम सम्मान चर्चित एवं वरिष्ठ कथाकार एस आर हरनोट को दिए जाने का निर्णय लिया गया है। कथाक्रम सम्मान समिति जिसके कथाक्रम संयोजक शैलेन्द्र सागर वरिष्ठ कहानीकार शिवमूर्ति, रंगकर्मी राकेश व चर्चित लेखिका रजनी गुप्त सदस्य हैं, ने यह निर्णय लिया।

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22 जनवरी, 1955 में जन्में हरनोट हिन्दी के वरिष्ठ एवं विशिष्ट कथाकार है। लगभग तीन दशकों से भी अधिक लेखन में लगातार सक्रिय हरनोट हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी जीवन की मिट्टी, वहां के जनजीवन संस्कृति, परम्परा और प्रकृति से पूरी तरह नालबद्ध कथाकार है।

उनकी रचनाएं पहाड़ के सीधे-सच्चे और सरल आदमी के संकट, संघर्ष तथा जिजीविषा का प्रामाणिक दस्तावेज है। उनकी कहानियां उस समाज के प्रवक्ता के रूप में हमारे सामने आती है। केवल समाज ही नहीं हिमाचल के रमणीय प्राकृतिक स्थल, वृक्ष व वनस्पति, तमाम जीव-जन्तु व पक्षी महज प्राकृतिक सम्पदा के रूप में नहीं बल्कि एक चरित्र बनकर पाठकों के सामने जीवन्त हो जाते हैं, उनसे संवाद करते हैं, अपनी पीड़ा शेयर करते हैं और सोचने पर विवश कर देते हैं कि उनके संकटग्रस्त अस्तित्व के लिए मनुष्य किस हद तक उत्तरदायी है। यह हिन्दी कथा साहित्य में विरज है।

शिल्प और भाषा की चकाचैंध के बिना हरनोट अपनी कहानियों में पाठकों से अत्यन्त सघन संवाद स्थापित कर पाते हैं। अब तक उनका एक उपन्यास हिडिम्ब और 7 कहानी संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं जिनमें आकाशबेल, पंजा, पीठ पर पहाड़, दारोश, जीनकाठी, मिट्टी के लोग, लिटन ब्लाॅक गिर रहा है तथा कीलें प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त उनके कई चयनों के प्रकाशन के साथ हिमाचल के मंदिर, संस्कृति, लोककथाओं आदि पर महत्वपूर्ण लेखन किया है। अंग्रेजी सहित कई भारतीय भाषाओं में उनकी कहानियों के अनुवाद प्रकाशित हो चुके हैं और कई विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में कहानियां शामिल हैं। उन पर बहुत से शोध हो चुके हैं।

हरनोट अनेक पुरस्कारों से सम्मानित है जिनमें हिमाचल राज्य अकादमी सम्मान, जे0सी0जोशी शब्द साधन सम्मान, अन्तर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान और दिव्य हिमाचल एक्सेलेंस एवार्ड प्रमुख हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष एक वरिष्ठ कथाकार को प्रतिष्ठित कथाक्रम सम्मान दिया जाता है जिसके अंतर्गत रू0 15000.00 की धनराशि, सम्मान चिन्ह व पत्रक प्रदान किया जाता है। विगत सालों में यह सम्मान संजीव, कमलाकांत त्रिपाठी, चंद्रकिशोर जायसवाल, मैत्रीय पुष्पा, दूधनाथ सिंह, ओम प्रकाश वाल्मीकि, शिवमूर्ति, असगर वजाहत, भगवान दास मोरवाल, उदय प्रकाश, प्रियवंद, मधु कांकरिया, महेश कटारे, अब्दुल बिस्मिल्लाह, स्वयं प्रकाश, तेजिन्द्र, जयनंदन, नासिरा शर्मा, अखिलेश, राकेश कुमार सिंह, जया जादवानरी व मनोज रूपड़ा को दिया जा चुका है।

यह सम्मान दिनांक 10 नवम्बर, 2019 को लखनऊ में आयोजित कथाक्रम 2019 के अवसर पर दिया जाएगा।

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