बैकवर्ड लिंकज जांच से मिली सफलता, कुल 316 ग्राम चिट्टा बरामद; 2026 में 38 अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क ध्वस्त
एप्पल न्यूज़, शिमला
शिमला पुलिस द्वारा चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के विरुद्ध व्यापक एवं लक्षित अभियान लगातार जारी है। इस अभियान के तहत न केवल मादक पदार्थ बरामद किए जा रहे हैं, बल्कि इनके पीछे सक्रिय सप्लाई चेन और अंतर्राज्यीय नेटवर्कों को भी चिन्हित कर ध्वस्त किया जा रहा है।
इसी क्रम में थाना सदर, शिमला में दिनांक 10 जून 2026 को अभियोग संख्या 74/2026 दर्ज किया गया था, जिसमें राहुल ठाकुर पुत्र जीत सिंह निवासी धर्मपुर, जिला मंडी के कब्जे से लगभग 7 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) तथा ₹23,000 नकद बरामद किए गए थे।
मामले के अन्वेषण के दौरान बैकवर्ड लिंकज की जांच को प्राथमिकता देते हुए डिजिटल साक्ष्यों, व्हाट्सएप चैट तथा वित्तीय लेन-देन का गहन विश्लेषण किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बरामद हेरोइन की आपूर्ति पंजाब के खरड़ निवासी हरप्रीत सिंह उर्फ हैरी द्वारा की गई थी, जो मादक पदार्थ तस्करी में सक्रिय रूप से संलिप्त पाया गया।
प्राप्त साक्ष्यों एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर थाना सदर, शिमला की पुलिस टीम ने 13 जून 2026 को खरड़ (पंजाब) स्थित आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से लगभग 309 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) तथा ₹61,900 नकद बरामद किए गए। इसके उपरांत आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ हैरी पुत्र जसबीर सिंह निवासी गोल्डन एस्टेट, खरड़, पंजाब को विधि अनुसार गिरफ्तार किया गया।

अन्वेषण के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी हरप्रीत उर्फ हैरी मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित संपर्क एवं संवाद केवल व्हाट्सएप के माध्यम से करता था। हेरोइन की सप्लाई के एवज में प्राप्त धनराशि वह अपने बैंक खाते में न लेकर अपने मित्रों एवं परिवार के सदस्यों के खातों में डलवाता था तथा बाद में स्वयं ही राशि निकालकर अपने पास रखता था।
इस सप्लाई चेन से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है तथा मामले में आगे की तफ्तीश जारी है। इस प्रकरण में अब तक कुल 316 ग्राम चिट्टा बरामद किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 25 लाख रुपये है।
शिमला पुलिस द्वारा हेरोइन तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई को और अधिक तीव्र किया गया है। वर्ष 2025 के दौरान लगभग 1 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी, जबकि वर्ष 2026 में आक्रामक एवं लक्षित कार्रवाई के परिणामस्वरूप अब तक लगभग 2.5 किलोग्राम हेरोइन बरामद की जा चुकी है, जो वर्ष 2025 की तुलना में लगभग ढाई गुना अधिक है।
वर्ष 2026 में अब तक शिमला पुलिस द्वारा एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत 157 मामले दर्ज किए गए हैं तथा 272 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 49 आरोपियों को बैकवर्ड लिंकज जांच के माध्यम से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र, केरल सहित विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों से गिरफ्तार किया गया है। वर्ष 2025 में ऐसे केवल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। इस प्रकार बैकवर्ड लिंकज जांच के माध्यम से की गई कार्रवाई में लगभग सात गुना वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके अतिरिक्त, वर्ष 2026 में शिमला पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े 38 अंतर्राज्यीय नेटवर्कों का भंडाफोड़ किया है, जबकि वर्ष 2025 में इस प्रकार की कोई उल्लेखनीय कार्रवाई दर्ज नहीं की गई थी।
उपरोक्त उपलब्धियां स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि शिमला पुलिस केवल छोटे स्तर के ड्रग एडिक्ट्स एवं पेडलर्स तक सीमित नहीं है, बल्कि मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले मूल स्रोतों और संगठित तस्करी नेटवर्कों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर रही है। यह गुणवत्ता-आधारित अन्वेषण, तकनीकी विश्लेषण तथा सप्लाई चेन को ध्वस्त करने की रणनीति का प्रत्यक्ष परिणाम है।






