एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य एवं मेडिकल एजुकेशन विभाग में कार्यरत डॉक्टरों और मेडिकल टीचर्स को बड़ी राहत देते हुए 31 मार्च, 2027 तक सेवा विस्तार दे दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की 15 अगस्त को की गई घोषणा के बाद वित्त विभाग ने बुधवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
सरकार ने यह निर्णय फंडामेंटल रूल्स के रूल 56 में संशोधन के तहत लिया है। संशोधन को 25 अगस्त, 2026 को नोटिफाई किया गया। इसके तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा स्वास्थ्य शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी मेडिकल ऑफिसर और मेडिकल फैकल्टी मेंबर 31 मार्च, 2027 से पहले सेवानिवृत्त नहीं होंगे।

अधिसूचना के अनुसार, जिन डॉक्टरों या मेडिकल टीचर्स का कार्यकाल 31 मार्च, 2027 से पहले पूरा हो रहा था, उन्हें भी अब 31 मार्च, 2027 को ही सेवा से भारमुक्त किया जाएगा। यानी संबंधित डॉक्टर और मेडिकल टीचर्स निर्धारित तिथि तक अपनी सेवाएं जारी रख सकेंगे।
सरकार ने यह फैसला प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के साथ-साथ मेडिकल एजुकेशन को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन की सीटों को दोगुना करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। ऐसे में अनुभवी मेडिकल फैकल्टी की उपलब्धता बनाए रखना सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों तथा मेडिकल टीचर्स की उपलब्धता बनी रहने की उम्मीद है। इससे मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और प्रशिक्षण व्यवस्था को भी सुचारू बनाए रखने में मदद मिलेगी।









