एप्पल न्यूज, शिमला/बिलासपुर
बिलासपुर में हाल ही में हुए सनसनीखेज गोलीकांड के बाद पहली बार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक बंबर ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है।
शिमला के IGMC अस्पताल में उपचाराधीन बंबर ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में सीधे तौर पर चिट्टा (नशा) तस्करों को हमले के पीछे जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इन तस्करों को भाजपा के स्थानीय विधायक त्रिलोक जम्वाल का संरक्षण प्राप्त है।
बंबर ठाकुर के आरोप:
बंबर ठाकुर ने कहा, “मुझ पर हमला चिट्टा माफिया ने किया है। अगर प्रदेश में भाजपा की सरकार होती तो आज मैं जिंदा न बचता।
बिलासपुर में नशा तस्करों के पास इतनी बड़ी कोठियां हैं, जितनी बड़ी मुख्यमंत्री की भी नहीं होगी। ऐसे लोगों की संपत्ति कुर्क होनी चाहिए और यदि जरूरत हो तो उनका एनकाउंटर होना चाहिए।”

उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल का नाम लेते हुए कहा कि चिट्टा तस्करों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा है।
कुछ दिन पहले बिलासपुर में बंबर ठाकुर पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग कर दी थी। उन्हें गोली लगने के बाद तुरंत IGMC शिमला में भर्ती करवाया गया। घटना के बाद प्रदेश भर में हड़कंप मच गया था।
हिमाचल पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए DIG सौम्या संबाशिवन के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। पुलिस ने जांच तेज कर दी है और कई अहम सुराग हाथ लगे हैं।
हमलावरों की पहचान: ड्राइवर गिरफ्तार:
पुलिस ने बताया कि हमलावर हरियाणा के रोहतक जिले के निवासी हैं।
हमलावरों को भगाने में मदद करने वाले एक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस वाहन को भी जब्त कर लिया गया है, जिसमें हमलावर फरार हुए थे।
सीसीटीवी फुटेज से मिली मदद:
पुलिस को हमलावरों की पहचान करने में सीसीटीवी फुटेज से अहम जानकारी मिली है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने IGMC जाकर बंबर ठाकुर का हालचाल जाना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रदेश में नशा माफिया के लिए कोई जगह नहीं है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।”
भाजपा का पलटवार:
भाजपा ने बंबर ठाकुर के लगाए आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए भाजपा नेताओं पर बेबुनियाद आरोप लगा रही है। भाजपा ने निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
राजनीतिक माहौल गर्माया:
बिलासपुर का यह मामला अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। एक तरफ कांग्रेस नेता चिट्टा तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं भाजपा नेता अपने ऊपर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं।
इस घटना ने नशा तस्करी के बढ़ते नेटवर्क और उसकी राजनीतिक पकड़ को लेकर आम जनता के मन में गहरी चिंता पैदा कर दी है। लोग सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
SIT की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जल्द ही मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे हाई-प्रोफाइल केस माना जा रहा है।
बिलासपुर गोलीकांड सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी, राजनीति और कानून व्यवस्था के आपसी ताने-बाने को उजागर करता है। आने वाले दिनों में इस पर कोर्ट, सरकार और जनता की नजरें टिकी रहेंगी।







