एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश विधान सभा सचिवालय में 26 और 27 मई को सामान्य विकास समिति की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों की अध्यक्षता समिति के सभापति केवल सिंह पठानिया ने की।
बैठक में समिति के सदस्य रणधीर शर्मा, जीत राम कटवाल, दलीप ठाकुर और सुदर्शन सिंह (बबलू) भी उपस्थित रहे।
बैठकों का मुख्य उद्देश्य राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना था।

समिति ने विशेष रूप से तीन प्रमुख विद्युत परियोजनाओं—शांगटांग, चांजू, और दियोथल—के कार्यों की स्थिति पर चर्चा की।
समिति ने इन परियोजनाओं में हो रही लंबी देरी पर गहरा असंतोष प्रकट किया और इस विषय को गंभीरता से लिया।
समिति ने अगली बैठक में सचिव (पॉवर), प्रबंध निदेशक, तथा निदेशक (पॉवर) को विस्तृत जानकारी सहित उपस्थित होने के निर्देश दिए ताकि इन परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की जा सके।
बैठक में राज्य में निर्माणाधीन स्लॉटर हाउसों पर भी चर्चा की गई। विशेष रूप से सुंदरनगर, बंजार और सरकाघाट में निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर समिति ने चिंता व्यक्त की।
समिति ने इन परियोजनाओं की प्रगति, देरी के कारणों और उठाए जा रहे सुधारात्मक कदमों की जानकारी अगली बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों से प्रस्तुत करने को कहा।
इसके अतिरिक्त, समिति ने मांग संख्या 23 (विद्युत विभाग) के द्वितीय मूल प्रतिवेदन में दी गई सिफारिशों की समीक्षा की।
साथ ही, शहरी विकास और लोक निर्माण विभाग से संबंधित विधानसभा आश्वासनों पर भी विचार किया गया।
इस दौरान संबंधित विभागों को आवश्यक अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध कराने और समिति को सहयोग देने के निर्देश जारी किए गए।
कुल मिलाकर, समिति की यह बैठक विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गति सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।







