एप्पल न्यूज, शिमला
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर कहर बरपाने को तैयार है। मौसम विभाग ने आगामी 6 से 9 जुलाई तक प्रदेश में भारी से बहुत भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी करते हुए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किए हैं।
इस दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़कों के अवरुद्ध होने और बादल फटने जैसी घटनाओं की आशंका जताई गई है।
6 जुलाई को तीन जिलों में रेड अलर्ट
आज शनिवार को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में बहुत भारी वर्षा को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर शेष सभी जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है।
7 जुलाई को व्यापक ऑरेंज अलर्ट
7 जुलाई को भी प्रदेश के दस जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। केवल लाहौल-स्पीति और किन्नौर इस दिन भी अलर्ट से बाहर रहेंगे।

8 जुलाई को चार जिलों में ऑरेंज, बाकी में येलो अलर्ट
8 जुलाई को ऊना, हमीरपुर, चम्बा और कांगड़ा में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जबकि अन्य सभी जिलों में येलो अलर्ट लागू रहेगा।
9 जुलाई को येलो अलर्ट
9 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश जिलों में येलो अलर्ट रहेगा, केवल लाहौल-स्पीति और किन्नौर को इस दिन भी अलर्ट से बाहर रखा गया है।
अब तक मानसून का कहर: जान-माल का बड़ा नुकसान
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार इस मानसून सीजन में अब तक:
74 लोगों की मौत हो चुकी है
115 लोग घायल हुए हैं
37 लोग अभी भी लापता हैं
239 सड़कें बंद,
248 बिजली ट्रांसफार्मर बाधित,
289 पेयजल योजनाएं ठप हैं
मुख्यमंत्री सुक्खू ने दी आश्वस्ति
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और वह स्वयं पूरे हालात की निगरानी कर रहे हैं।
सावधानी ही सुरक्षा
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित इलाकों से दूर रहें। आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अनावश्यक यात्रा से बचें और आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।







