एप्पल न्यूज, शिमला
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। राज्य के अधिकांश जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आगामी चार दिनों — 14 से 17 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
14 जुलाई: कांगड़ा और सिरमौर जिलों के लिए ओरेंज अलर्ट, भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना।
मंडी, शिमला और सोलन के लिए येलो अलर्ट घोषित।

15 जुलाई: चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में येलो अलर्ट।
16 जुलाई: लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर शेष सभी जिलों में येलो अलर्ट।
17 जुलाई: चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में फिर येलो अलर्ट जारी।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार:
अब तक 98 लोगों की वर्षा जनित घटनाओं में मौत हो चुकी है।
178 लोग घायल हुए हैं, जबकि
34 लोग लापता बताए जा रहे हैं।
भूस्खलन और सड़कों के कटाव के कारण:
एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित 196 सड़कों पर यातायात अवरुद्ध है।
73 बिजली ट्रांसफार्मर बंद, और
787 पेयजल योजनाएं बाधित हैं, जिससे सैकड़ों गांवों में जल संकट उत्पन्न हो गया है।
आम जनता को सतर्क रहने की अपील:
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदियों और नालों से दूरी बनाए रखें तथा अनावश्यक यात्रा से बचें। स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत और बचाव दलों को तैनात कर दिया गया है।
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह दौर 17 जुलाई तक जारी रह सकता है और बीच-बीच में अत्यधिक वर्षा के दौरों से जलभराव, बिजली आपूर्ति ठप, व संचार बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।






