एप्पल न्यूज, शिमला
हिमाचल प्रदेश राज्य ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता विमल नेगी मौत मामले में सीबीआई ने पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए निलंबित एएसआई पंकज को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने शव मिलने के बाद सबूतों से छेड़छाड़ की।
माना जा रहा है कि पंकज ने नेगी की जेब से पेनड्राइव निकालकर उसमें बदलाव करने की कोशिश की थी। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसकी पुष्टि सीबीआई जांच में हुई।
सीबीआई की 10 सदस्यीय टीम ने बिलासपुर से पंकज को हिरासत में लेकर शिमला लाया। सोमवार को उसे सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
पत्नी का आरोप: “ये तो मोहरे हैं, असली गुनहगार पकड़ो”
विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी ने गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“अच्छी बात है कि पंकज को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन ये तो सिर्फ मोहरा है। असली गुनहगारों को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। हमने शुरू से ही कहा है कि विमल ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उनकी हत्या हुई है।”

उन्होंने ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने और हत्या जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
आखिर किसके इशारे पर हुई छेड़छाड़?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि एएसआई पंकज ने किसके कहने पर सबूतों से छेड़छाड़ की, जबकि वह उस एसआईटी का हिस्सा भी नहीं था, जिसे मामले की जांच के लिए गठित किया गया था। सूत्रों के अनुसार, अब इस केस में और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
जांच के अहम बिंदु
सीबीआई ने उस नाव के नाविकों से पूछताछ की, जिनकी मदद से विमल नेगी का शव निकाला गया था।
वीडियो रिकॉर्डिंग और एसआईटी की जांच रिपोर्ट को भी आधार बनाया गया।
एसपी शिमला ने पंकज को निलंबित किया था, जिसके बाद वह पुलिस लाइन कैथू में ड्यूटी कर रहा था।
घटनाक्रम की टाइमलाइन
10 मार्च 2025 – विमल नेगी बिलासपुर के लिए निकले, लापता हो गए।
18 मार्च – शव बरामद, परिजनों ने धरना दिया।
19 मार्च – एम्स बिलासपुर में पोस्टमार्टम, थाना न्यू शिमला में केस दर्ज।
20 मार्च – गृह विभाग ने एसआईटी का गठन किया।
21 अप्रैल – असंतुष्ट परिजन हाईकोर्ट पहुंचे, सीबीआई जांच की मांग।
23 मई – हाईकोर्ट ने केस सीबीआई को सौंपा।
14 सितम्बर 2025 – पहली गिरफ्तारी, एएसआई पंकज सीबीआई के शिकंजे में।
अब सबकी नजर इस पर है कि पंकज की गिरफ्तारी के बाद कौन-कौन से बड़े नाम बेनकाब होते हैं और क्या सच में यह मामला हत्या का है या आत्महत्या का, जैसा पहले बताया जा रहा था।







