एप्पल न्यूज़, शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनावों को समय पर पूरा करवाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) ने पूरे राज्य में पंचायतों और शहरी निकायों की सीमाओं, संरचना और वर्गीकरण में किसी भी प्रकार के बदलाव पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
यह आदेश मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट, 2020 के एक प्रमुख प्रावधान को लागू करते हुए जारी किया गया है, हालांकि राज्य में अभी आचार संहिता लागू नहीं की गई है। इस रोक का उद्देश्य केवल चुनावी प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाना है।
आयोग ने अधिसूचना संख्या SEC16-29/2000-I-5164 के माध्यम से आदेश जारी किए हैं और इसे शीर्ष प्राथमिकता वाले चुनावी कार्य के रूप में वर्गीकृत किया है। हिमाचल में पंचायतों और अधिकांश शहरी निकायों का कार्यकाल अगले वर्ष की शुरुआत में समाप्त होने जा रहा है, ऐसे में परिसीमन या निकाय सीमाओं में किसी भी प्रकार का फेरबदल चुनाव कार्यक्रम को बाधित कर सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आधारित निर्णय
SEC का यह कदम सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के अनुरूप है, जो स्टेट ऑफ पंजाब एंड अदर्स बनाम बेंट कुमार एंड अनदर (SLPs No. 22468, 22469 of 2024) मामले में दिया गया था।
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 243E(1) और 243U(1) के तहत स्थानीय निकायों के चुनाव उनकी पांच वर्षीय अवधि समाप्त होने से छह महीने पहले शुरू कर दिए जाने चाहिए।
यानी परिसीमन, मतदाता सूची और अन्य प्रक्रियाएँ पहले से तैयार होनी चाहिए ताकि चुनाव समय पर आयोजित किए जा सकें।
आयोग ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) के पुनर्गठन के लिए अब 75 दिन, जबकि अधिकांश नगर निकायों (ULBs) के लिए केवल 60 दिन शेष बचे हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार का प्रशासनिक बदलाव चुनावी प्रक्रिया में देरी का कारण बन सकता है और संविधान की भावना के विपरीत होगा।
किन निकायों का कार्यकाल कब समाप्त होगा?
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार—
PRIs का कार्यकाल: 31 जनवरी 2026
50 नगर निकायों का कार्यकाल: 18 जनवरी 2026
धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन नगर निगम: 13 अप्रैल 2026
अंब, चिरगाँव, कंडाघाट, नरवा और निर्मंड नगर पंचायत: 16 अप्रैल 2026
परिसीमन और मतदाता सूचियों की स्थिति
राज्य की सभी 3,577 ग्राम पंचायतों, 90 पंचायत समितियों, 11 जिला परिषदों और 71 नगर निकायों का परिसीमन अंतिम रूप से पूरा किया जा चुका है।
इसी तरह 3,548 ग्राम पंचायतों और 70 ULBs की मतदाता सूचियाँ भी अंतिम रूप से प्रकाशित की जा चुकी हैं।
बाकी 29 ग्राम पंचायतों की सूची 1 दिसंबर 2025 और एक ULB की सूची 7 दिसंबर 2025 को प्रकाशित होगी।
SEC पहले ही 1 मई, 4 जुलाई और 28 जुलाई 2025 को राज्य सरकार को स्पष्ट कर चुका है कि एक बार वार्ड परिसीमन अंतिम हो जाने के बाद निकाय सीमाएँ स्वतः फ्रीज मानी जाएँगी।
चुनाव तक सीमाएँ फ्रीज रहेंगी
अपनी संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए आयोग ने निर्देश दिया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी पंचायत या नगर निकाय की सीमा, संरचना या वर्गीकरण में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
यह आदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल कुमार खाची द्वारा जारी किया गया है, जबकि सचिव सुर्जीत सिंह राठौर ने इसे सभी संबंधित विभागों व अधिकारियों को भेज दिया है ताकि निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके।






