डंसा पंचायत के वार्ड नंबर-5 को अनारक्षित करने की मांग, ग्रामीणों सौंपा ज्ञापन
एप्पल न्यूज़, रामपुर बुशहर
पंचायतीराज चुनाव को लेकर हाल ही में जारी किया गया आरक्षण रोस्टर सवालों के घेरे में आ गया है. आए भी क्यों न क्योंकि खामियाँ ही ऐसी है कि आखिर रोस्टर को बनाया कैसे. जिस गॉव वार्ड में एक भी मतदाता अनुसूचित जाति का नहीं उसे अनुसूचित जाती के लिए आरक्षित कर दिया.
अब सवाल उठता है कि आखिर ये हुआ कैसे किसकी गलती से जिसका खामियाजा पूरी पंचायत कको झेलना पड़ेगा. अब ग्रामीणों ने तो साफ कहा दिया है कि यदि रोस्टर न बदला तो उनके पास चुनाव बहिष्कार के आलावा कोई चारा नहीं है.
जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से 7 अप्रैल को जारी पंचायत आरक्षण रोस्टर को लेकर डंसा पंचायत के वार्ड डंसा -पनोली के ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
पनोली गांव के मतदाताओं का कहना है कि वार्ड में अनुसूचित जाति वर्ग का एक भी मतदाता नहीं है, इसके बावजूद इस सीट को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है।
इस संबंध में वीरवार को पूर्व प्रधान देशराज हुडन की अगुवाई में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) रामपुर को SEBPO के माध्यम से उन्हें ज्ञापन सौंपा।
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ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग की है कि वार्ड नंबर-5 को अनारक्षित किया जाए, क्योंकि वर्तमान आरक्षण वास्तविक स्थिति के विपरीत है।
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत के डंसा-1 वार्ड, जो कि वार्ड नंबर-5 है, में अनुसूचित जाति वर्ग का कोई भी मतदाता निवास नहीं करता। ऐसे में इस वार्ड को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित करना नियमों के अनुरूप नहीं है।

उनका कहना है कि आरक्षण तय करते समय संबंधित वार्ड की जनसंख्या और मतदाताओं की संरचना को ध्यान में रखना आवश्यक होता है।
इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों में रोष है और उन्होंने प्रशासन से जल्द त्रुटि सुधारने की मांग की है। साथ ही उन्होंने आग्रह किया है कि वार्ड को सामान्य वर्ग के लिए अनारक्षित घोषित कर नई अधिसूचना जारी की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान हरि शर्मा, मेहर भारद्वाज, सत्यदेव शर्मा सहित अन्य ग्रामीण भी मौजूद रहे।
प्रशासनिक टिप्पणी —
नियमानुसार पंचायतो के wards का रिजर्वेशन जनगणना आंकड़ों के आधार पर त्यार किया जाता है l 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही 2015, 2020 के चुनाव हुए और 2026 के लिए भी 2011 की जनसंख्या के ही आंकड़े है l 2015और 2020 मे भी वही ward थे और 2026 के चुनाव मे भी वही wards है l
2020 और उससे पहले रिज़र्व catagory के लोगों का ward उसी catogory को रिज़र्व होता रहा l परन्तु 21 मार्च 2026 की अधिसूचना अनुसार 2015और 2020 मे लगातार रिज़र्व रहे wards 2026 के चुनाव के लिए अनारक्षित माने जायेंगे l आरक्षण का रोस्टर शेष wards मे उनकी प्रतिशतता के आधार पर तय किया जाना था l
Reserv के wards open होने के कारण रिजर्वेशन दूसरे wards मे शिफ्ट हो गया l कियोँकि रिजर्वेशन पंचायत की कुल जनसंख्या मे किस catogory मे कितनी भागीदारी है उसके आधार पर तय होता है l
जहां तक वोटर लिस्ट का प्रश्न है तो ward के रोस्टर मे इसके आंकड़े नहीं लिए जाते l
21 मार्च 2026 की अधसूचना अनुसार गत दो चुनावों मे लगातार आरक्षिति रहे 2wards अनारक्षित किये गए l उसके पश्चात 3 sc catogory को उनकी प्रतिशतता के आधार पर आवंटित हुए l 2 w(sc) 1(sc) क्योंकि कुल ward 7 है इसलिए 4women को जाने थेl 2 sc women और 2 general की women (1+2+2) और 2 अनारक्षित कुल 7.
इस प्रकार आरक्षण नियमानुसार ही तय किया गया और जिला स्तर पर DPO office और ADC साहब के कार्यालय से वेरीफाई करने के बाद ही जारी किया गया l
BDO रामपुर बुशहर
अब यदि नियम ये हैँ तो फिर सवाल उस समस्या का है जो अभी भी मुंह बाये खड़ी है. जनगणना से वार्ड बनाया या वार्ड की जनगणना की गई. या तो जनगणना के आधार पर वार्ड बनाते या फिर वार्ड बनाकर जनगणना कर फिर रोस्टर बनाते.
जब इस वार्ड में कोई अनुसूचित जाति का मतदाता ही नहीं है तो क्या उधार के पड़ोसी गांव के मतदाता को प्रत्याशी बनाकर अपना नुमाइन्दा बनाएँ या फिर सिस्टम की खामी का टोकरा उठाकर सिस्टम को दोष देते रहें.
ये कैसा लोकतंत्र है जहाँ जनता आवाज उठाकर भी खुद को ठगा महसूस कर रही है.








