एप्पल न्यूज़, रामपुर बुशहर
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के उद्देश्य से आज पंचायत समिति सभागार रामपुर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिला कल्याण अधिकारी शिमला कपिल शर्मा ने की।
कार्यशाला में विकास खण्ड रामपुर, ननखरी तथा नारकण्डा के नवनिर्वाचित पंचायत प्रधानों, पंचायत सचिवों एवं तकनीकी सहायकों ने भाग लिया। इस अवसर पर प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के उद्देश्य, दिशा-निर्देश, कार्यान्वयन प्रक्रिया, पंचायतों की भूमिका, विकास कार्यों के चयन तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा ने बताया कि शिमला जिला में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत 75 गांवों का चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि चयनित गांवों के नवनिर्वाचित पंचायत प्रधानों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए क्लस्टर स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
इसके तहत रामपुर, रोहड़ू तथा शिमला में अलग-अलग कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज रामपुर में आयोजित कार्यशाला में विकास खण्ड रामपुर, ननखरी तथा नारकण्डा के नवनिर्वाचित पंचायत प्रधानों, पंचायत सचिवों एवं तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल गांवों का समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित करना है। योजना के अंतर्गत आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, पेयजल, स्वच्छता, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामुदायिक अधोसंरचना तथा अन्य आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता प्रदान की जाती है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का चयन करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से विकास कार्यों को क्रियान्वित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को योजना के दिशा-निर्देशों से पूर्ण रूप से अवगत कराना है, ताकि चयनित गांवों में विकास कार्यों का प्रभावी, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। कार्यशाला के दौरान पंचायत सचिवों एवं तकनीकी सहायकों को प्रस्ताव तैयार करने, अभिलेख संधारण, तकनीकी स्वीकृतियों, वित्तीय प्रावधानों, कार्यों की निगरानी तथा प्रगति रिपोर्ट तैयार करने संबंधी आवश्यक जानकारी भी दी गई।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों द्वारा योजना से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे गए, जिनका जिला कल्याण अधिकारी ने विस्तारपूर्वक उत्तर देते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से विकास कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा योजना के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।
इस अवसर पर तहसील कल्याण अधिकारी रामपुर मोहन केदारटा, तहसील कल्याण अधिकारी ननखरी-कुमारसैन प्रताप शाम, एसपीईओ रामपुर अगर दास तथा संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।






