चरस तस्करी के मामले में आरोपी को 3 साल 6 माह का कठोर कारावास
रोहड़ू। शिमला पुलिस की ओर से मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक चरस तस्करी मामले में आरोपी को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए 3 वर्ष 6 माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
पुलिस थाना चिरगांव में दर्ज अभियोग संख्या 27/2025, दिनांक 18 मार्च 2025, धारा 20 एनडीपीएस एक्ट के तहत यह मामला दर्ज किया गया था। मामले में आरोपी विक्रम सिंह उर्फ वीरू, निवासी रोल्पा, नेपाल को माननीय विशेष न्यायाधीश, रोहड़ू की अदालत ने 31 अगस्त 2026 को सजा सुनाई।
अदालत ने आरोपी को 3 वर्ष 6 माह के कठोर कारावास (RI) के साथ 20,000 रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास (SI) भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, मामले में आरोपी के कब्जे से 460 ग्राम चरस बरामद की गई थी। इसकी जांच पुलिस थाना चिरगांव की टीम ने की और मामले से संबंधित साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
शिमला पुलिस का कहना है कि एनडीपीएस एक्ट के मामलों में कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक जांच, साक्ष्यों के उचित संकलन और न्यायालय में प्रभावी पैरवी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, जांच और अभियोजन के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम है कि उक्त मामले में आरोपी को न्यायालय से दोषसिद्धि हुई और उसे कठोर कारावास की सजा मिली। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।









