सभी धार्मिक संस्थानों में मानक संचालन प्रक्रिया को करना होगा सुनिश्चित

एप्पल न्यूज़, कुल्लु

उपायुक्त डा0 ऋचा वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक संस्थानों को खोलने हेतु मानक संचालन प्रक्रिया जारी की गई है। इसके अनुसार जिला के सभी धार्मिक संस्थानों में मानक संचालन प्रक्रिया  तथा प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को सुनिश्चित किया जाएगा।


     उन्होंने बताया कि  जिला में धार्मिक संस्थानों में लगातार स्पर्श किए जाने वाले स्थानों पर सोडियम हाईपोक्लोराईड घोल (1 प्रतिशत) का समय-2 पर छिड़काव करने के साथ मंदिर में लगी घंटी को हटाना होगा या किसी कपड़े के साथ ढकना होगा ताकि श्रद्धालुओं द्वारा उसका स्पर्श न किया जा सके। इसके अतिरिक्त तीर्थ यात्रियों/ आगंतुकों को धार्मिक परिसर के गर्भ गृह में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी। देवता के सामने किसी भी श्रद्धालु को एक मिनट से अधिक खड़े होने की अनुमति नहीं होगी। 65 वर्ष  से अधिक आयु के व्यक्ति, बीमार व्यक्तियों गर्भवती महिलाओं तथा 10 वर्ष  से कम आयु के बच्चों को लाईन में खड़े होने और धार्मिक परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
    जिला प्रशासन की लोगों से अपील है कि यदि आवश्यक हो तभी धार्मिक स्थलों पर जाएं अन्यथा घर से ही आॅनलाईन दर्शन/ आरती का सीधे प्रसारण के माध्यम से आनंद लें। पूजा स्थल/ परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी। यदि आवश्यक हो तो बैरीकेटिंग के माध्यम से श्रद्धालुओं का कम से कम आवागमन सुनिश्चित किया जाए। सम्भव हो तो लाईव दर्शन के लिए विभिन्न स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाए। रोगसूचक व्यक्ति को अलग करने के लिए धार्मिक स्थल के पास अलग कक्ष बनाया जाए। रोगसूचक व्यक्ति को उस कमरे में रखकर सम्बंधित चिकित्सा अधिकारी से संपर्क कर उस व्यक्ति के नमूने लेने व उसकी जांच सम्बंधी कार्यवाही की जाए।
     मंदिर पुजारी अथवा अन्य किसी व्यक्ति द्वारा श्रद्धालुओं के स्पर्श से सम्बंधित कोई पूजा या अनुष्ठान नहीं करवाया जाएगा। धार्मिक परिसर में किसी भी प्रकार का कार्यक्रम जैसे कीर्तन, विवाह तथा मुंडन संस्कार इत्यादि समारोह करने की अनुमति नहीं होगी। आवश्यकतानुसार विभिन्न धार्मिक स्थानों पर सक्रीनिंग काउंटर की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। धार्मिक स्थानों के परिसर में रात्रि ठहराव की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक संस्थान के परिसर में किसी भी प्रकार का हवन तथा अधिक संख्या में लोगों के इक्टठा होने की अनुमति नहीं होगी।
    मंदिर प्रशासन को थ्री लेयर मास्क का पर्याप्त स्टाॅक रखना सुनिश्चित करना होगा। धार्मिक संस्थान में पैर धोने तथा सरोवर में नहाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही धार्मिक स्थल के प्रवेश, निकासी द्वार तथा परिसर के भीतर व अन्य उपयुक्त स्थानों पर स्पर्शरहित हैंड सेनेटाईजर डिसपैंसर की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी । सम्भव हो सके तो धार्मिक स्थल पर प्रतिदिन आने वाले श्रद्धालुओं की निगरानी और रिकार्डिंग हेतु सीसीटीवी कैमरे भी लगाने होंगे।              

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