दिव्यांगजनों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रदेश सरकार की हैं अनेक योजनाएं

एप्पल न्यूज़, कुल्लू

प्रदेश सरकार द्वारा विशेष रूप से सक्षम लोगों के कल्याण व उत्थान के लिए अनेक योजनाएं कार्यान्वित की जा रही है ताकि इन लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। नई अधिसूचित विकलांगता के अुनसार विभिन्न 21 प्रकार की विकलांगताएं हैं जिनके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विकलांगता प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। नई अधिसूचित विकलांगता का आशा वर्करों व महिला स्वास्थ्य कार्यकताओं द्वारा लोगों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है ताकि पात्र लोग अपने यूडीआईडी बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. सुशील चन्द्र के अनुसार क्षेत्रीय अस्पताल में जिला विकलांगता बोर्ड का गठन किया गया है जो हर महीने पहले व चैथे शनिवार को व्यक्तियों में विकलांगता की जांच करके उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान करता है। 40 प्रतिशत या इससे अधिक विकलांगता पर यह प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को पुराने कार्डों के स्थान पर यूडीआईडी कार्ड जारी किए जा रहे हैं। जिला में 4450 पुराने कार्ड धारकों का डाटा स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करवाया गया है। इन प्रमाण पत्रों को लोक मित्र केन्द्रों के माध्यम से डिजिटाइज्ड करने के लिए आंगनवाड़ी व आशा कार्यकताओं, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और उनका यह कार्य पूरा करवाया जा रहा है। गत दिसम्बर माह तक 1983 यूडीआईडी कार्ड सृजित किए गए। इन कार्डों की समीक्षा भारत सरकार के स्तर पर भी की जा रही है।
40 प्रतिशत या इससे अधिक विकलांगता वाले व्यक्तियों को सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो जाता है। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा भी इनमें शामिल है। 70 प्रतिशत या इससे अधिक विकलांगता की स्थिति में व्यक्ति को 1500 रुपये प्रतिमाह सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जाती है। वर्तमान में जिला में 1525 दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों को सरकारी नौकरियों में भी आरक्षण प्रदान किया है।
जिला कल्याण अधिकारी एवं सदस्य सचिव जिला स्तरीय विकलांगता समिति समीर चन्द्र अनुसार सुगम्य भारत अभियान के सभी सरकारी भवनों में विकलांगजनों के लिए रैंप की व्यवस्था होनी जरूरी है। जिला मुख्यालय के 11 भवनों की सूची लोक निर्माण विभाग ने उपायुक्त को उपलब्ध करवाई है। इन भवनों को राष्ट्रीय बिल्डिंग कोड के अन्तर्गत दिव्यांगजनों के अनुकूल इन भवनों को बाधा रहित किया जाना है। इनमें से अधिकांश भवनों में रैंप का निर्माण कर लिया गया है। शेष भवनों में इस व्यवस्था के लिए धनराशि का प्रबंध करने के लिए संबंधित विभागों को कहा गया है।
जिला में समय-समय पर जिला स्तरीय विकलांगता समिति की बैठक का आयोजन किया जा रहा है ताकि विकलांगजनों के लिए सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके। विकलांगजनों से अनेक संस्थाएं भी जुड़ी हैं जो समय समय पर इनके कल्याण के लिए विभिन्न प्रकार की मांग करती रहती हैं। इनके लिए व्हील चेयर सहित अन्य उपकरणों की व्यवस्था करने में लगी रहती हैं। दिव्यांगजनों के लिए जिला कल्याण अधिकारी के कार्यालय में हेल्पलाईन नम्बर की शुरूआत की भी मांग की जा रही है। इस संबंध में जिला कल्याण अधिकारी का कहना है कि उनके जिला कार्यालय तथा तहसील कल्याण अधिकारी के कार्यालयों में दूरभाष मौजूद हैं जहां सरकार की योजनाओं तथा विकलांगजनों की अन्य समस्याओं के बारे में सूचित किया जा सकता है अथवा जानकारी हासिल की जा सकती है।
संबंधित विभागों द्वारा पंचायती राज संस्थानों के चुने हुए प्रतिनिधियों से आग्रह किया जाता है कि उनके क्षेत्र में यदि कोई विकलांग व्यक्ति हो तो उसे अस्पताल तक आने के लिए प्रेरित करें, उसकी विकलांगता की जांच करवाने में सहयोग करें और सरकार की अनेक योजनाओं का लाभ ऐसे पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने में भी उसका सहयोग करें।  
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